भिलाई। अगर आप किसी जंगल में पैदल चल रहे हो और आपके मोबाइल का चार्ज खत्म हो गया हो तब आप क्या करेंगे ? शायद आपका जवाब होगा कुछ नहीं। ऐसी ही कुछ परेशानी को देखकर आठवीं के छात्र ने ऐसा डिवाइस बनाया है जो पैदल चलते-चलते बिजली पैदा करेगा। जिससे हर एक मिनट में 1 प्रतिशत मोबाइल चार्ज होता चला जाएगा।
ये डीएवी हुड़को के छात्र धैर्य कसार और गुंजन शर्मा ने मिलकर इसे तैयार किया और इसका प्रैजेंटेशन राष्ट्रीय बाल विज्ञान कांग्रेस की जिला स्तरीय प्रतियोगिता में दिया। इन बच्चों ने अपने वर्ग में पुरस्कार भी जीता। सोमवार को खालसा स्कूल दुर्ग में राष्ट्रीय बाल विज्ञान कांग्रेस की प्रतियोगिता रखी गई थी। जिसमें जिले के 24 स्कूलों के 80 बाल वैज्ञानिकों ने हिस्सा लिया था।
मम्मी से मिला आईडिया
डीएवी हुड़को स्कूल के छात्र धैर्य और गुंजन शर्मा ने मोबाइल चार्जर डिवाइस बनाया है जो बिना बिजली के काम करेगा। इस डिवाइस को पैर में पहनने के बाद व्यक्ति जितना पैदल चलेगा, उसका मोबाइल उतना चार्ज होता जाएगा। धैर्य ने बताया कि उसकी मम्मी ने उसे यह आइडिया दिया था। उसने बताया कि 5 मिनट पैदल चलने के बाद मोबाइल 8 प्रतिशत तक चार्ज हो जाता है। यानी 50 मिनट पैदल चलकर 80 फीसदी से ज्यादा मोबाइल चार्ज किया जा सकता है।
वेस्ट फूलों से धूपबत्ती
सुरंडुग हाईस्कूल की छात्रा वैशाली वर्मा और माधवी ने मिलकर वेस्ट फूलों से सुगंधित धूपबत्ती बनाई है। वैशाली ने बताया कि कमरछठ, गणेशपूजा और नवरात्रि हर पूजा में फूल ख़राब होते हैं। उसने सोशल मीडिया के जरिए धूप बनाना सीखा, लेकिन पहली बार में असफल रहा। दूसरी बार मां ने जब इसमें कपूर और हवन की सामग्री मिलाने को कहा तो वह धूपबत्ती और बेहतर बन गई। उसने बताया कि फूलों का पेस्ट बनाकर वे उसमें कोयला का पाउडर, कपूर और हवन सामग्री मिलाकर इसे बनाती है।
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