हम तो चाहते हैं कि इस षड्यंत्र के पीछे किसका हाथ है, वह सामने आए

रायपुर। मंत्री रविंद्र चौबे ने झीरम न्यायिक जांच रिपोर्ट को लेकर बड़ा आरोप लगाते हुए कहा कि भाजपा जिस तरह से आरोप लगा रही है उससे लगता है कि ये रिपोर्ट लीक की गई है। उन्होंने कहा कि रिपोर्ट राज्यपाल के यहां से कैसे लीक हुई यह सबसे बड़ा सवाल है। उन्होंने कहा कि हम राजभवन पर आरोप नहीं लगाना चाहते। उन्होंने ये भी कहा कि रिपोर्ट पर भाजपा को लग रहा है कि उन्हें बड़ा मुद्दा मिल गया है।

राजीव भवन में पत्रकार वार्ता में गृहमंत्री ताम्रध्वज साहू और मंत्री रविंद्र चौबे ने कहा, झीरम घाटी के लिए गठित आयोग ने आधी अधूरी रिपोर्ट सौंपी है। राज्य सरकार ने पूरे मामले की जांच कराने के लिए आयोग में दो नए न्यायाधीश की नियुक्ति की है। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार को 23 सितंबर को पत्र लिखकर आयोग के सचिव में सरकार से आयोग का कार्यकाल आगे बढ़ृाने का अनुरोध किया। राज्य सरकार ने आयोग के द्वारा मांगी गई अनुमति के आधार पर विधि विभाग को अभिमत के लिए भेजता था। इसी बीच आयोग ने एक महीने बाद 6 नवंबर को अपनी रिपोर्ट तैयार कर राज्यपाल को सौंपी दी। उन्होंने कहा कि आयोग के सचिव ने अपने पत्र में जांच पूरी नहीं होने का जिक्र किया। सरकार ने इस आधार पर माना कि राज्यपाल को सौंपी गई रिपोर्ट आधी-अधूरी है।

20 बार बड़ी तारीख

झीरम घाटी कांड को लेकर गृहमंत्री ताम्रध्वज साहू ने कहा कि 28 मई को जस्टिस प्रशांत मिश्रा की अगुवाई में जांच कमेटी बनी और 3 महीने में रिपोर्ट देने को कहा गया। तय सीमा में जांच नहीं हो पाई और लगातार तारीख पर तारीख बढ़ता गया। 20 बार तारीख बढ़ाया गया। 23 सितम्बर को राज्य सरकार को पत्र लिख कर मांग की गई कि फिर से तारीख बढ़ाया जाए। 6 नवंबर को आयोग ने अपनी रिपोर्ट राज्यपाल को दे दी। आयोग ने नियम के विपरीत रिपोर्ट राज्यपाल को सौंपी हैं। जबकी रिपोर्ट राज्य सरकार को सौंपना था। गृहमंत्री ने कहा, भाजपा नेता कांग्रेस नेताओं को कहते हैं कि वो डर रहें है, लेकिन हम डरेंगे क्यों, क्योंकि हमने तो अपने बड़े नेता इस कांड में खोया है।

षड्यंत्र का हो खुलासा

मंत्री रविन्द्र चौबे ने कहा, झीरम घाटी कांड की रिपोर्ट राज्यपाल को सौंपने के बाद भाजपा को लगता है कि बड़ा मामला हाथ लग गया है। डी पुरंदेश्वरी और डॉ. रमन सिंह कांग्रेस नेताओं पर आरोप लगा रहे हैं। हम कुछ छुपाना चाहते हैं लेकिन हम तो चाहते हैं कि इस षड्यंत्र के पीछे किसका हाथ है, वह सामने आना चाहिए। गरियाबंद की घटना के बाद हमने नन्दकुमार पटेल की सुरक्षा क्यों नहीं बढाई। रविन्द्र चौबे ने डॉ. रमन सिंह पर आरोप लगाते हुए कहा कि पूरी भाजपा जनता पार्टी इस मामले से दूर नहीं हो सकती।

भाजपा पर साधा निशाना

रविन्द्र चौबे ने डॉ. रमन सिंह से सवाल किया कि आखिर रमन सिंह इतने क्यों डर रहे हैं? उन्होंने कहा कि 2 सदस्य बढ़ा कर हमने जांच बढ़ाया है तो आखिर बीजेपी को इससे दिक्कत क्या है। 6 नवंबर को झीरम की रिपोर्ट आयोग ने राज्यपाल को सौंपा। 23 सितम्बर को जांच अधूरी कहने वाली आयोग ने कैसे 1 महीने में रिपोर्ट पूरी कर ली। पूरे मामले पर भाजपा राजनीति क्यों कर रहीं है। राजभवन को राजनीति का अखाड़ा नहीं बनाना चाहिए। राजभवन से राज्य सरकार के पास रिपोर्ट नहीं आना था। सीधे रिपोर्ट राज्य सरकार के पास आना था। हमारी जांच आयोग में भाजपा को आपत्ति क्यो? केंद्र सरकार की एनआईए जांच क्यों नहीं कर रही है। केंद्र सरकार जांच को रोकने का प्रयास कर रही है। कलंक डॉ. रमन सिंह पर लगा है। हमारा यही उद्देश्य है कि जांच सही हो, इसलिए हमने आयोग बनाया।