टीकाकरण अभियान के ऐसे तथ्य हैं जो बताते हैं कि भारत के लिए चुनौतियां काफी ज्यादा हैं. ये चुनौतियां सरकारी स्तर पर भी हैं और लोगों की मानसिकता के स्तर पर भी. देश में कोरोना वैक्सीन लेने वालों की संख्या हर दिन बढ़ रही है. हालांकि कई राज्यों या शहरों में वैक्सीनेशन की रफ्तार बहुत कम है और लोग वैक्सीन लेने से अभी भी कतरा रहे हैं. इन्हीं में से एक हरियाणा का नूंह जिला है. नूंह में कोरोना टीकाकरण की दर सबसे कम है. पिछले दिनों हरियाणा सरकार द्वारा केंद्र सरकार को दिए गए आंकड़ों के मुताबिक देश के 48 सबसे कम कोरोना टीकाकरण वाले जिलों में से नूंह एक था.

नूंह जिला प्रशासन द्वारा साझा किए गए डेटा के अनुसार 22 नवंबर तक, नूंह में कोरोना की पहली डोज 50.2% और दूसरी डोज मात्र 10.8% ही लगी थी. जिले के 435 गांवों में से केवल 38 का ही पूर्ण टीकाकरण किया जा सका है. वहीं राज्य की बात करें तो लगभग 90% वयस्क आबादी को पहली डोज मिल गई है और 46% से अधिक को दोनों डोज मिल चुकी है. लोगों को टीकाकरण के लिए तैयार करने के लिए शक्ति सिंह ने कहा कि प्रशासन ने लोगों को प्रोत्साहित करने के लिए व्यापारियों से भी गठजोड़ किया है. “कुछ पेट्रोल पंप डीलरों ने पूरी तरह से टीका लगाने वाले लोगों को 50 पैसे प्रति लीटर की छूट की पेशकश की है. लोग अपने टीकाकरण प्रमाण पत्र फोन पर दिखा सकते हैं और छूट का लाभ उठा सकते हैं.” टीका लगवाएं और छूट का लाभ उठायें