अंबिकापुर से लगे सिलफिली गांव के दितेश राय ने सोशल मीडिया में एक चैनल बनाया और फिर उसमें खेती की आधुनिक तकनीक की जानकारी देना शुरू कर दिया। इस चैनल से विदेशों के किसान भी जुड़ गए और वे भी खेती की सलाह उनसे लेने लगे। देश के 10 हजार किसान दितेश से खेती की सलाह के साथ-साथ बीज भी ले रहे हैं।

इंटरनेट का सही उपयोग

सूरजपुर जिले के एक युवक ने गांव में रहकर इंटरनेट का ऐसा उपयोग किया कि वह गांव से विदेशों में ऑनलाइन माध्यम से किसानों को साग सब्जियों का बीज बेच रहा है। अब तक 100 से ज्यादा विदेशों के किसान को ग्राफ्टिंग बैगन व टमाटर, शिमला मिर्च का बीज भेज चुके हैं। अब नेपाल, इंडोनेशिया, टर्की, लंदन, बांग्लादेश के किसानों को वे बीज भेज रहे हैं। इससे वे महीने में 80 हजार तो साल में 10 लाख तक कमा रहे हैं और कई लोगों को रोजगार भी दिया है। दितेश बताते हैं कि जंगली बैगन ओडिशा व छत्तीसगढ़ में ही होता है, उन्होंने इसके ग्राफ्टिंग पौधों से निकले बीज के लिए ऐसे किसानों से संपर्क किया जो इसकी खेती क़र बीज निकालते हैं और उनसे बीज खरीदना शुरू किया।

सोशल मीडिया पर बनाया चैनल
उन्होंने चाइना से कई बीजों के आयात निर्यात के लिए लाइसेंस ले रखा है और वहां से बीज मंगाकर यहां से किसानों को उनके जरूरत के हिसाब से बेचते हैं। दितेश ने बताया कि 2 साल पहले खेल-खेल में उन्होंने सोशल मीडिया में एक चैनल बनाया और उसमें कृषि की आधुनिक जानकारी जुटाकर वीडियो से जानकारी देने लगे। जिसमें ग्राफ्टिंग वाले बैंगन, टमाटर, मिर्च सहित अन्य फसलों की जानकारी दी। जिसमें ग्राफ्टिंग कर एक ही पौधे पर बैगन, टमाटर व शिमला मिर्च का फल लगता है।

आधुनिक खेती से युवाओं को मिला रोजगार का अवसर

दितेश ओडिशा, महाराष्ट्र, असम, कोलकाता, बिहार, उत्तरप्रदेश, कर्नाटक, आंध्रप्रदेश राज्यों के 10 हजार किसानों को खेती की सलाह व बीज, कुरियर से पहुंचा रहे हैं। दितेश का कहना है कि एक भी किसान उनके प्रयास से सफल होते हैं तो खुद को सफल मानेंगे। दितेश के वीडियो देखकर सैकड़ों युवा, जिनकी नौकरी लॉकडाउन में चली गई थी, या जो कृषि से दूर हो चुके थे, वे खेती को प्रमुख व्यवसाय मानने लगे हैं।