अरुण साव

उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने अपने हालिया बस्तर दौरे के दौरान कई विकास कार्यों का निरीक्षण किया। इसी क्रम में उन्होंने केशलूर के पास निर्माणाधीन रेलवे ओवरब्रिज का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान कार्य की गति अपेक्षाकृत धीमी मिलने पर उन्होंने गहरी नाराजगी जताई। उन्होंने स्पष्ट किया कि जनता से जुड़े विकास कार्यों में किसी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।

प्रगति रिपोर्ट से असंतुष्ट दिखा विभाग

निरीक्षण के बाद अरुण साव के निर्देश पर विभाग ने परियोजना की विस्तृत समीक्षा की। पाया गया कि निर्माण एजेंसी निर्धारित समय के अनुसार काम नहीं कर रही है। मैनपावर और मशीनरी की कमी के कारण कई महत्वपूर्ण लक्ष्य पूरे नहीं हो पाए हैं। इससे परियोजना की समयसीमा प्रभावित होने की आशंका बढ़ गई है।

नोटिस में बताई गई कमियां

विभाग द्वारा जारी नोटिस में कहा गया कि अरुण साव के निरीक्षण के दौरान सामने आई खामियों की पुष्टि तकनीकी समीक्षा में भी हुई है। निर्माण एजेंसी को पर्याप्त संसाधन जुटाने और कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए गए हैं। नोटिस में यह भी कहा गया है कि विभाग पहले भी कई बार निर्माण कार्य में सुधार के लिए निर्देश जारी कर चुका है।

समयसीमा में पूरा करने का दबाव

सरकार चाहती है कि परियोजना तय समय के भीतर पूरी हो और जनता को उसका लाभ मिले। अरुण साव ने अधिकारियों को नियमित निगरानी करने और प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि विकास परियोजनाओं में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करना सरकार की प्राथमिकता है।

अनुबंध के तहत हो सकती है कार्रवाई

यदि निर्माण एजेंसी निर्धारित समय में कार्य की गति नहीं बढ़ाती है तो उसके खिलाफ अनुबंध की शर्तों के अनुसार कार्रवाई की जाएगी। अरुण साव ने स्पष्ट किया है कि प्रदेश में चल रही सभी परियोजनाओं की लगातार निगरानी की जाएगी और विकास कार्यों में किसी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

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