रायपुर। नक्सल प्रभावित कहे जाने वाले बस्तर संभाग के बच्चों में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है। “बचपन का प्यार” वाले सहदेव व चुटकियों से “राष्ट्रगान” की धुन बजाने वाले अभिषेक के बाद अब एक और बच्चे की प्रतिभा सामने आई है। कोंडागांव जिले के नक्सल प्रभावित करारमेटा गांव के एक 13 साल के बच्चे ने कबाड़ से जुगाड़ कर एक ड्रोन कैमरा बनाया है। यह ड्रोन लगभग 100 मीटर ऊपर उड़ सकता है। ड्रोन को बनाने में केवल 50 से 100 रुपए का खर्च व 1 सप्ताह का ही समय लगा है।
करारमेटा गांव के रहने वाले दीपेश मरकाम (13) ने बताया कि वह शासकीय माध्यमिक शाला में कक्षा 8वीं में पढ़ाई करता है। बचपन में उसके पिता जब भी उसके लिए खिलौना लाते उसे वो तोड़-फोड़ कर दूसरा नया खिलौना बना देता था। ऐसे ही वह एक दिन घर के बाहर बैठा था, जहां आसमान में एक एरोप्लेन को उड़ता हुआ दीपेश ने देखा। जिसके उसके मन में एरोप्लेन बनाने का ख्याल भी आया। लेकिन उसके लिए सामान नहीं मिला। फिर दीपेश ने ड्रोन कैमरा बनाने का प्लान किया और महज 1 सप्ताह पहले ही कबाड़ से जुगाड़ कर ड्रोन बना दिया।
‘देश के लिए मिसाइल बनाऊंगा’
दीपेश ने कहा कि मेरे पिता संजीव मरकाम गांव के सरपंच हैं। मेरी पढ़ाई के लिए वो काफी मेहनत भी करते हैं। मैं बड़ा होकर वैज्ञानिक बनना चाहता हूं। साथ ही देश के लिए मिसाइल बनाने का काम करूंगा। ड्रोन कैमरा तो बना लिया हूं, लेकिन अब एक छोटा रिमोट कंट्रोल वाला प्लेन भी बनाऊंगा। सामान जुटाकर प्लेन बनाने की तैयारी भी कर रहा हूं।
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