भारत पर्यटन मुंबई ने जिला प्रशासन के सहयोग से विश्व पर्यटन दिवस पर किया आयोजन
भारत सरकार के पर्यटन मंत्रालय के पश्चिमी एवं मध्य क्षेत्र में कार्यरत क्षेत्रीय कार्यालय इंडिया टूरिज्म मुंबई ने, विश्व पर्यटन दिवस के अवसर पर छत्तीसगढ़ के बस्तर संभाग में पर्यटन विकास की दिशा में हो रहे प्रयासों की जानकारी ली।
विश्व पर्यटन दिवस-2021 के विषय ‘समावेशी विकास के लिए पर्यटन” को ध्यान में रखते हुए निर्धनता हटाने एवं निरंतर व सतत विकास के लिए पर्यटन की दक्षता तथा क्षमता पर प्रकाश डाला। इंडियाटूरिज्म मुंबई ने जिला प्रशासन के सहयोग से बस्तर में दो कार्यशालाओं का भी आयोजन किया। इनमें से एक बस्तर के होम स्टे मालिकों के लिए तथा दूसरी कार्यशाला जगदलपुर के युवाओं के लिए थी, जो अतुल्य भारत पर्यटक सुविधाकर्ता प्रमाणन कार्यक्रम का ही हिस्सा थी।
बस्तर में सामुदायिक सहभागिता के साथ पर्यटन को बढ़ावा देने का कार्य किया जा रहा है। सामुदायिक सहभागिता के बिना पर्यटन का विकास अधूरा है। बस्तर की संस्कृति के संरक्षण के साथ यहां का पर्यटन विकास होता रहे। बस्तर पर्यटन में सामुदायिक सहभागिता की शुरुआत पर्यटन समितियों के गठन के साथ हुई है, जिसमें स्थानीय युवाओं को पर्यटकों और पर्यटन स्थल की सुरक्षा के साथ ही देखरेख की जिम्मेदारी मिली है। यह पर्यटन समितियों का गठन स्थानीय ग्राम सभाओं से अनुमोदन प्राप्त करके ही गठित की जा रही है, जिससे इसकी निरन्तरता बनी रहे।
वनों की रक्षा का संकल्प
वहीं सामुदायिक वन अधिकार पत्र प्राप्त भूमि का उपयोग भी वनों की रक्षा के लिए किया जा रहा है। सामुदायिक अधिकार के तहत प्राप्त इस वन भूमि में वृक्षों की रक्षा के माध्यम से यह संदेश दिया जा रहा है कि धन उपार्जन के लिए वनों को काटने की आवश्यकता नहीं है, बल्कि लोग इन्हीं वनों को देखने दूर दूर से आएंगे, जिसके माध्यम से आपकी आमदनी आसानी से हो जाएगी। इसी लक्ष्य को लेकर कार्य किया जा रहा है।
पर्यटकों को होम स्टे की सुविधा
यहां की संस्कृति को समझने के लिए आने वाले पर्यटकों को होमस्टे की सुविधा प्रदान की जा रही है अतिथि पर्यटकों को इनके माध्यम से यहां की संस्कृति से अवगत कराया जाएगा। समावेशी मॉडल के साथ बस्तर के पर्यटन का विकास किया जाएगा। जिला प्रशासन ने ग्राम पंचायत के साथ मिलकर बस्तर में 26 होम स्टे स्थापित किए हैं। उन्होंने हिंसा को हराने लोगों को शांति और विकास के पथ पर आगे बढ़ाने और लोगों को समृद्ध करने की इस मुहिम में सभी लोगों को आगे बढ़कर साथ देने की अपील की जा रही है।
पर्यटन से निर्धनता हटाने एवं सतत विकास पर जोर
पर्यटन मंत्रालय के पश्चिमी व मध्य क्षेत्र के क्षेत्रीय निदेशक, वेंकटेशन दत्तारेयन ने कहा कि विश्व पर्यटन दिवस पर बस्तर में कार्यक्रम आयोजित करने का उद्देश्य लोगों को पर्यटन के माध्यम से निर्धनता हटाने एवं समाज के लोगों का निरंतर व सतत विकास करने में पर्यटन कितना दक्ष है तथा उसमें कितनी क्षमता है, इसी भाव से अवगत करना था। विश्व पर्यटन दिवस-2021 के विषय “समावेशी विकास के लिए पर्यटन” ही है। होम स्टे पर्यटन को बढ़ावा देने के आकर्षक विकल्प हैं। इनके माध्यम से भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत के दर्शन होते हैं। बस्तर के विभिन्न गांवों में स्थित होम स्टे के प्रचार-प्रसार तथा उनकी उपस्थिति से संबंधित सत्रों का भी संचालन किया गया।
हैरिटेज वॉक का आयोजन
पर्यटन मंत्रालय के अतुल्य भारत पर्यटक सुविधाकर्ता प्रमाणन कार्यक्रम (आईआईटीएफसी) से जिले के युवाओं को अवगत कराया गया। आईआईटीएफसी का उद्देश्य प्रशिक्षित व्यवसायियों को तैयार करना है, जो यहां आने वाले सैलानियों की मदद कर सकें. उन्हें विभिन्न गंतव्य दिखा सके और अपने अनुभव तथा पर्याप्त जानकारी की मदद से एक दक्ष एवं प्रशिक्षित गाइड की भूमिका निभा सके। इससे देश के सुदूर क्षेत्रों में रोजग़ार के सुअवसर प्रदान करने में मदद मिलेगी। “आजादी का अमृत महोत्सव के तहत हेरिटेज वॉक का आयोजन किया जाएगा। इसका विषय “आजादी ट्रेल्स होगा। इसका मकसद भारत के स्वतंत्रता संग्राम से संबंधित स्थानों को दिखाना तथा उन गुमनाम नायकों व आदिवासी नेताओं के बारे में बताना है, जिन्होंने ब्रिटिश साम्राज्य के विरुद्ध लड़ाई लड़ी थी।
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