शहरी गरीब परिवारों को दी जा रही 2.5 लाख की सहायता
नगरीय प्रशासन विभाग द्वारा लगभग सभी योजनाओं में गरीबों को प्राथमिकता दी गई है। भूमिहीन व्यक्तियों को भूमि धारण का अधिकार प्रदान करने हेतु अधिनियम लाया गया है। 19 नवंबर 2018 के पूर्व काबिज कब्जा धारकों को भू-स्वामित्व अधिकार प्रदान की व्यवस्था की गई है। इसमें ऐसे व्यक्ति भी लाभान्वित होंगे जिन्हें पूर्व में पट्टा प्रदान किया गया था परंतु नवीनीकरण प्रावधानों के अभाव में वह भूमि का इस्तमाल नहीं कर पा रहे थे। इस निर्णय में राज्य के लगभग दो लाख से अधिक शहरी गरीब परिवार सीधे लाभान्वित होंगे तथा उन्हें ‘मोर जमीन मोर मकान’ योजना में 2.5 लाख तक वित्तीय सहायता प्रदान भी किया जा रहा है। मोर जमीन मोर मकान योजना से गरीबों को जोड़कर हितग्राहियों को लाभान्वित किया जा रहा है। प्रदेश में इस योजना से अभी तक 75 हजार हितग्राहियों का आवास पूर्ण हो गया है।
शीघ्र आवास निर्माण और नवाचार की दिशा में उठाएं गए कदम
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की पहल से आवास निर्माण के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं। नगरीय क्षेत्रों के भूमिहीन व्यक्तियों को पट्टा वितरण, आबादी भूमि के हितग्राहियों को पात्र हितग्राही प्रमाण-पत्र का वितरण, कम समय अवधि में हितग्राहियों को किश्त प्राप्ति एवं आवश्यकता अनुरुप आसान किश्तों की व्यवस्था की गई है। सामाजिक, आर्थिक रूप से पिछड़े समुदायों को सशक्त बनाने के उद्देश्य से शासन ने स्पेशल प्रोजेक्ट की शुरुआत की है, जिससे ये समुदाय अब विकास की मुख्य धारा से जुड़ कर प्रगति की राह पर आगे बढ़ चले हैं।
आवास जल्द पूरा करने निकायों में प्रतियोगिता
निकायों के बीच स्वस्थ्य प्रतिस्पर्धा कराने एवं निर्माण कार्य को शीघ्रता से पूर्ण करने हेतु राज्य स्तरीय मोर प्रदर्शन-मोर सम्मान प्रतियोगिता का आयोजन कराया गया, जिसके परिणाम स्वरूप आवास निर्माण के कार्य अति शीघ्र पूर्ण हुए। विभाग के द्वारां द्वारा नियमित निरीक्षण किए गए। कार्यों की नियमित रूप से ऑनलाइन मॉनिटरिंग भी की गई। जन जागरूकता हेतु स्वच्छ भारत मिशन के साथ संयुक्त रूप से व्यापक स्तर पर प्रचार प्रसार किया गया। राज्य शासन ने हितग्राहियों की सुविधाओं को प्रमुखता देते हुए आवास योजना अन्तर्गत 827 परियोजनाओं में अन्य योजनाओं का समावेश किया।
कुष्ठ पीड़ितों को भी मिला लाभ
नगरीय नकिाय विभाग के द्वारा संवेदनशील प्रयास भी किए गए हैं जिसका सबसे बड़ा उदाहण “आशा चढ़ी परवान” है। इस योजना का सीधा लाभ कुष्ठ पीडि़तों और उनके परिवारों को मिला जो बीमारी की वजह से शहर से बाहर रह कर भिक्षावृत्ति कर पेट भरने को मजबूर थे। इनके इलाज के साथ, रोजगार की व्यवस्था और आत्मनिर्भर बनाने के साथ सम्मानपूर्वक जीवनयापन की दिशा में आवश्यक मूलभूत सुविधाएं सहित कल्याणकारी कदम उठाए गए हैं।
jai sir is a dedicated news blogger at The Hind Press, known for his sharp insights and fact-based reporting. With a passion for current affairs and investigative journalism, he covers national, international, sports, science, headlines, political developments, environment, and social issues with clarity and integrity.
