बीजापुर जिले के एड़समेटा में सुरक्षाकर्मियों द्वारा चार नाबालिगों सहित 8 लोगों की हत्या के 8 साल बाद राज्य सरकार की ओर से करवाई जा रही जांच आयोग की रिपोर्ट आ चुकी है। बीते बुधवार को ये रिपोर्ट कैबिनेट की बैठक में प्रस्तुत कर दी गई है। जानकारी के मुताबिक ये रिपोर्ट विधानसभा में पटल पर रखी जाएगी।

जांच रिपोर्ट को लेकर प्रदेश के आबकारी मंत्री कवासी लखमा का कहना है कि रिपोर्ट विधानसभा में पेश की जाएगी जिससे दूध का दूध और पानी का पानी हो जाएगा। हालांकि उन्होंने कहा कि अभी रिपोर्ट पर कुछ भी कहना गलत होगा। बता दें कि 17 मई 2013 को बीजापुर​ जिले के एडसमेटा में कथित मुठभेड़ हुई था। इस मुठभेड़ में 4 नाबालिग समेत 8 लोगों की मौत हो गई।

सरकार की तरफ से अधिकृत बयान नहीं

ग्रामीणों ने इसे फर्जी मुठभेड़ करार दिया था। वहीं CRPF के जावानों पर निर्दोष ग्रामीणों को मारने का आरोप लगाया गया था। फिलहाल जांच कर रही आयोग की टीम ने अब अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंप दी है। इस रिपोर्ट के संबंध में सरकार की ओर अभी कुछ भी अधिकृत तौर पर नहीं कहा गया है। माना जा रहा है रिपोर्ट सीधे विधानसभा में पेश होगी।

झीरम घाटी हमले से एक सप्ताह पहले हुई थी घटना

एड़समेटा की घटना साल 2013 में 17-18 मई की रात को हुई थी। यह घटना झीरम घाटी की घटना से ठीक एक सप्ताह पहले हुई थी। इस दौरान गांव के लोग एक जगह जमा होकर बीजपंडुम त्योहार मना रहे थे। इसी दौरान गोलीबारी हुई थी। जिसमें नाबालिगों समेत 8 लोग मारे गए थे। फोर्स ने दावा किया था कि मौके पर नक्सली मौजूद थे और मारे गए लोग नक्सली हैं।