रायपुर। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष विष्णुदेव साय के मंडी शुल्क में बढ़ोत्तरी सम्बन्धी निर्णय पर भ्रम फैला रहे हैं।प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्लाने कहा है कि छत्तीसगढ़ में किसान धान बेचने में मशगूल है उन्हें उनकी फसल की भरपूर कीमत मिल रहा है ।भूपेश सरकार खरीदी केंद्रों में चाक चौबंद व्यवस्था कर किसानों से धान खरीद रही है।भाजपा की केंद्र सरकार के द्वारा उसना चावल नही लेने और बारदाना नही देने की अड़ंगेबाजी के बावजूद धान खरीदी प्रगति पर है ।पिछले वर्ष की अपेक्षा शुरुआती पांच दिनों में खरीदी का रिकार्ड टूट गया है।
भाजपा विष्णुदेव साय झूठ बोलकर दुष्प्रचार कर रहे कि मंडी शुल्क किसानों से लिया जाएगा जबकि हकीकत यह है मंडी शुल्क व्यापारियों से लिया जाएगा और इस राशि का इस्तेमाल कृषक कल्याण और मंडी समितियों की मूलभूत सुविधाओं को बढ़ाने में होगा। भाजपा मंडी शुल्क पर घड़ियाली आंसू बहा रही इसी भाजपा ने मंडियों को समाप्त करने काले कानून बनाया था आज भाजपाई मंडियों की उपयोगिता बता रहे ।भाजपा और पीएम मोदी की बदनीयत छत्तीसगढ़ सहित पूरे देश के किसानों के सामने बेपरदा हो चुकी है कि ये किसानों को गुलाम बनाने की मानसिकता रखते हैं, तभी तो तीन काले कानून लाये थे और अब जबकि किसानों तथा कांग्रेस के दबाव में उनकी मंशा पर पानी फिर गया तो किसानों के साथ बारदाने की कमी और उसना चावल न खरीदने जैसी साजिश रची। इसके बावजूद छत्तीसगढ़ की कांग्रेस सरकार ने मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की घोषणा के अनुरूप व्यवस्थित रूप से किसान की धान का दाना दाना खरीदना आरंभ कर दिया तो तरह तरह की अफवाहें फैलाने लगे।
कांग्रेस संचार प्रमुख सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि अपनी उपज आम किसान से पहले बेचकर 2500 रुपये के दाम बटोरने के लिए आतुर भाजपा के नेता कांग्रेस सरकार के खिलाफ झूठ के गुब्बारे फुलाकर उड़ाने की आपसी स्पर्धा कर रहे हैं। विष्णुदेव साय, नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक, जनता द्वारा पूरी तरह नकार दिये गए पूर्व मुख्यमंत्री रमन सिंह सहित तमाम भाजपा नेताओं के बीच होड़ चल रही है कि कौन कितना बड़ा झूठ बोलने का कीर्तिमान स्थापित कर सकता है। लेकिन जनता भाजपाइयों की हकीकत को जान चुकी है। अब इनके झूठ पर जनता ध्यान नहीं देने वाली। राजनीति के चूल्हे पर भाजपाई झूठ की हांडी तीन बार चढ़ने के बाद अब नीचे से जल चुकी है। अब उसमें झूठ का कितना भी मिर्च मसाला डालें, वह भस्म ही होना है। किसान देख रहे हैं कि कांग्रेस की सरकार 2500 की दर से किसान का दाना दाना खरीद रही है।
भाजपा की केंद्र सरकार के अड़ंगे के बाद भी वादा पूरा किया जा रहा है और राजीव गांधी किसान न्याय योजना के तहत अंतर की राशि दी जाती है। किसान का बोनस खुद दबा देने वाले, मंडियों को कांजी हाउस जैसा बना देने वाले, किसान को कंगाल बनाने के लिए हर पल तत्पर रहने वाले भाजपाई अब किसानों की खुशहाली बर्दाश्त नहीं कर पा रहे हैं और उनके नाम पर घड़ियाल बन रहे हैं। कांग्रेस की सरकार किसानों की सरकार है। वह किसानों के कल्याण के लिए तत्पर है।
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