• प्रशासन को सरकार ने दिए कड़े निर्देश, 70 से अधिक चेक पोस्ट बने

रायपुर। छत्तीसगढ़ में धान खरीदी एक दिसंबर से शुरू होगी। धान खरीदी के लिए राज्य सरकार जितनी तैयारी कर रही है उससे कहीं ज्यादा तैयारी पुलिस-प्रशासन को पड़ोसी राज्यों से आने वाले धान की तस्करी को रोकने के लिए करनी पड़ रही है। छत्तीसगढ़ की सीमा से लगे दूसरे प्रदेशों की सीमा पर धान की तस्करी रोकने के लिए सरकार 1 दिसंबर से निगरानी के लिए टीम गठित कर रही है। दूसरे राज्यों से धान की तस्करी रोकने की तैयारी ऐसी है कि गरियाबंद जिले में जगह-जगह 35 नाके (चेकपोस्ट) लगा दिए गए हैं। वहीं जशपुर और महासमुंद जिले में भी 17-17 चेकपोस्ट बनाए गए हैं।

प्रदेश के सीमावर्ती राज्यों में झारखंड, महाराष्ट्र, मध्यप्रदेश, उत्तरप्रदेश, आंध्रप्रदेश, तेलंगाना और ओडिशा शामिल है। इन राज्यों से हर साल 40 से 50 हजार क्विंटल धान राज्य में खपाया जाता है क्योंकि उन राज्यों में धान के समर्थन मूल्य के साथ बोनस या तो नहीं है या बहुत कम है। इन राज्यों की सीमाओं से प्रदेश के 18 जिले जुड़े हुए हैं। ओडिशा और मध्यप्रदेश बार्डर पर सबसे ज्यादा पांच-पांच जिले आते हैं ओडिशा में जशपुर, रायगढ़, महासमुंद, गरियाबंद और धमतरी शामिल है।

चेकपोस्ट बनाने के निर्देश

इसी तरह मध्यप्रदेश की सीमा से लगे जिलों में बलरामपुर, सूरजपुर, कोरिया, बिलासपुर और मुंगेली शामिल है। झारखंड की सीमा से बलरामपुर, जशपुर, महाराष्ट्र की सीमा से राजनांदगांव, कांकेर, नारायणपुर और बीजापुर शामिल है। वहीं उत्तप्रदेश की सीमा से बलरामपुर, आंध्र की सीमा से सुकमा और तेलंगाना की सीमा से बीजापुर तथा सुकमा जिले लगे हुए हैं। इन सभी जिलों के एसपी और कलेक्टरों को चौकसी बरतने के लिए चेकपोस्ट लगाने के लिए कहा गया है।

अवैध परिवहन के ढाई हजार से ज्यादा मामले पकड़े गए

सीमाओं पर बरती जा रही चौकसी के कारण पिछले दो साल में राज्य की सीमाओं से लगे जिलों में धान के अवैध परिवहन के ढाई हजार से ज्यादा मामले पकड़े गए हैं। साल 2019 मे जहां 24 सौ से ज्यादा मामले पकड़े गए वहीं पिछले साल बरती कड़ाई के बाद भी 2020 में 200 से ज्यादा मामले अवैध परिवहन के पकड़े गए थे।

धान की तस्करी रोकने पड़ोसी राज्य की सीमाएं 1 दिसंबर से होंगी सील

साथ ही धान के अवैध परिवहन की रोकथाम के लिए पुलिस के समन्वय से लगातार कार्रवाई होनी चाहिए। बैठक में पुलिस महानिदेशक अशोक जुनेजा ने कलेक्टर एवं पुलिस अधीक्षक के बेहतर तालमेल का असर जिले के कानून एवं शांति व्यवस्था के साथ ही विकास कार्यों के बेहतर क्रियान्वयन के रूप में प्रस्तुत करने कहा है। श्री जुनेजा ने धान के अवैध परिवहन की रोकथाम के लिए अंतर्राज्यीय सीमाओं पर निर्मित किए गए चेक पोस्ट के अलावा अंदरूनी मार्गों पर पुलिस पेट्रोलिंग के निर्देश उन्होंने दिए है। साथ ही पुराने अनुभवों के आधार पर उन्नत तकनीकों और खुफियातंत्र का इस्तेमाल करके धान के अवैध परिवहन और परिवहनकर्ता पर कड़ी कार्यवाही के निर्देश दिए है।

अवैध धान परिवहन पर होगी कार्रवाई

पड़ोसी राज्यों से धान की तस्करी को रोकने के लिए मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने अधिकारियों के निर्देश दिये हैं। उन्होंने कहा, हमारे अधिकारी सीमावर्ती जिला क्षेत्रों की निगरानी कर रहे हैं, ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि अन्य राज्यों से धान छत्तीसगढ़ में न आने पाए. समर्थन मूल्य पर धान खरीदी प्रारंभ होने से पहले मध्यप्रदेश व छत्तीसगढ़ की सीमाएं सील कर दी जाएंगी। छत्तीसगढ़ मध्यप्रदेश की सीमा पर मनेन्द्रगढ़ और भरतपुर ब्लॉक के अलग-अलग बैरियर और क्षेत्र में 24 घंटे निगरानी टीम की ड्यूटी पर तैनात रहेगी। बाहर से धान लाकर खपाने वाले बिचौलियों पर कार्रवाई की जाएगी।

देवभोग में धान तस्करी के मामले ज्यादा

गरियाबंद जिले में भी प्रशासन की लाख मुस्तैदी के बावजूद यहां ओडि़शा के धान की तस्करी रुक नहीं रही है। छत्तीसगढ़-ओडि़शा सीमा पर तीन तरफ से ओडि़शा से घिरे देवभोग विकासखंड में इसकी समस्या सबसे ज्यादा है। यहां पर धान खरीदी शुरू होने से पहले ही बड़ी मात्रा में ओडि़शा का धान यहां जब्त भी हो रहा है। दोनों प्रदेशों में धान की कीमत में 800 रुपये से अधिक का फर्क है. इसी की लालच में धान के व्यापारी किसी भी तरह से ओडि़शा का धान छत्तीसगढ़ में खपाने की फिराक में रहते हैं। इसे रोकने यहां 5 नए नाके भी लगाए जा रहे हैं।

कच्चे रास्ते पर भी बैरिकेडिंग

जिले के कलेक्टर और एसपी ने सीमावर्ती इलाकों का दौरा कर निर्देश भी दिये हैं। सीमा पर लगे 13 चेक पोस्ट के अलावा अब पांच कच्चे रास्तों पर भी प्रशासन बेरिकैड लगाकर 24 घंटे यहां कर्मियों की तैनाती करने जा रहा है। अब तक प्रशासन ने ओडि़शा से धान ला रहे 8 वाहनों को 12 लाख से भी ज्यादा कीमत के धान के साथ जब्त किया है।