हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर के माध्यम से सर्वाधिक डिजिटल हेल्थ आईडी बनाने के लिए छत्तीसगढ़ को राष्ट्रीय स्तर पर प्रथम पुरस्कार मिला है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और राज्य के स्वास्थ्य मंत्री ने इस उपलब्धि पर स्वास्थ्य विभाग और राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन की टीम को बधाई दी है। ‘आजादी का अमृत महोत्सव’ के अंतर्गत देश में 16 नवंबर से 12 दिसंबर तक यूनिवर्सल हेल्थ कवरेज डे 2021 के दौरान छत्तीसगढ़ में सबसे अधिक 53 हजार 67 डिजिटल हेल्थ आईडी बनाए गए।
देशभर में इस दौरान बनाए गए कुल एक लाख 52 हजार 942 आईडी में अकेले छत्तीसगढ़ की भागीदारी 35 प्रतिशत है। बता दे कि केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण राज्यमंत्री डॉ. भारती प्रवीण पवार ने आज नई दिल्ली में यूनिवर्सल हेल्थ कवरेज डे पर आयोजित कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ को पुरस्कार प्रदान किया।

ऐसे बन सकता है हेल्थ आईडी

राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के प्रभारी राज्य कार्यक्रम प्रबंधक आनंद साहू ने नई दिल्ली में छत्तीसगढ़ की ओर से पुरस्कार ग्रहण किया। मोबाइल नंबर या आधार कार्ड के ज़रिए हेल्थ आईडी जनरेट किया जा सकता है । आधिकारिक वेबसाइट https://healthid.ndhm.gov.in/register से हेल्थ आईडी कार्ड बनाने के लिए पैन कार्ड या ड्राइविंग लाइसेंस का इस्तेमाल भी किया जा सकता है। मोबाइल या आधार के ज़रिए हेल्थ आईडी बनाने के लिए अपना नाम, जन्म का वर्ष, लिंग, पता और मोबाइल नंबर/आधार नंबर की जानकारी देनी होगी।