जमानत के लिए नहीं लगाया आवेदन

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के पिता नंदकुमार बघेल को ब्राम्हणों के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी के मामले में पुलिस ने गिरफ्तार कर उन्हें अदालत में पेश किया। जहां अदालत ने 15 दिनों के न्यायिक रिमांड पर उन्हें जेल भेज दिया।

सोशल मीडिया में नंदकुमार बघेल का बयान वायरल होने के बाद ब्राम्हण समाज में नाराजगी रही और इसके खिलाफ दीनदयाल उपाध्याय थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। पुलिस ने आईपीसी की धारा 505 और 153 (क) के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था। पुलिस नंदकुमार बघेल को यूपी से गिरफ्तार कर छत्तीसगढ़ लेकर पहुंची। जिसके बाद बघेल को जज जनक कुमार हिडको की कोर्ट में पेश किया गया। बताया गया कि नंदकुमार बघेल की तरफ से जमानत के लिए आवेदन नहीं किया गया था। जिसके बाद उन्हें 21 सितंबर तक के लिए न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा था- कानून से ऊपर कोई नहीं

इससे पहले सीएम भूपेश बघेल ने सार्वजनिक रूप से कहा था कि उनके और उनके पिता के राजनीतिक विचार और मान्यताएं बिल्कुल अलग अलग हैं। एक पुत्र के रूप में मैं उनका सम्मान करता हूं, लेकिन एक मुख्यमंत्री के रूप में उनकी किसी भी ऐसी गलती को माफ नहीं किया जा सकता, जो सार्वजनिक व्यवस्था को बिगाड़ने वाली हो। उनकी सरकार में कोई भी कानून से ऊपर नहीं है। फिर चाहे वो मुख्यमंत्री के पिता ही क्यों न हो।