अपराध अनुसंधान विभाग, पुलिस मुख्यालय और यूनिसेफ के संयुक्त तत्वाधान में होगा आयोजन

स्थानीय प्रतिष्ठित लोगों को भी जोड़ा जाएगा

रायपुर। बच्चों की सुरक्षा और संरक्षण करते हुए अभिभावकों व नागरिकों को जागरूक करने के उद्देश्य से बाल दिवस के उपलक्ष्य पर ‘अभिव्यक्ति’ कार्यक्रम के तहत प्रदेशव्यापी “बाल सुरक्षा सप्ताह” प्रारंभ किया जा रहा है।

बाल सुरक्षा सप्ताह का सफलतापूर्वक संचालन के लिए प्रत्येक जिले में एक राजपत्रित स्तर के पुलिस अधिकारी को नोडल अधिकारी नामांकित किया गया है और 4 से 5 सदस्यीय पुलिस टीम का गठन किया गया है। उक्त टीम के उपयोग के लिए पुलिस मुख्यालय द्वारा बाल सुरक्षा और संरक्षण पर आधारित विभिन्न विषयों के पॉम्पलेट एवं पोस्टर तैयार कर सभी जिलों को उपलब्ध कराया गया है।

बाल अपराध संबंधी मार्गदर्शिका पुस्तिका का विमोचन

अपराध अनुसंधान विभाग, पुलिस मुख्यालय और यूनिसेफ के संयुक्त तत्वाधान में 15 नवंबर को बाल सुरक्षा पर आधारित राज्य स्तरीय कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा। इस अवसर पर बाल अपराध संबंधी मार्गदर्शिका पुस्तिका का विमोचन, टोल फ्री चाईल्ड हेल्पलाईन नंबर 1800-123-6010 की शुरूआत, विधिविरुद्ध संघर्षरत बालक एवं बाल विवाह पर आधारित ऑनलाईन ट्रेनिंग मॉड्यूल को छत्तीसगढ़ पुलिस की वेबसाईट में होस्ट किया जाएगा साथ ही बाल सुरक्षा पर आधारित वीडियो को रिलीज किया जाएगा। कार्यक्रम के दौरान बाल सुरक्षा की दिशा में उत्कृष्ट कार्य करने वाले पुलिस अधिकारियों को सम्मानित किया जावेगा। इस अवसर पर प्रतिभागी के रूप में स्कूली छात्र-छात्राओं को आमंत्रित किया गया है।

बाल श्रम और भिक्षावृत्ति के खिलाफ चलाया जाएगा अभियान

बाल सुरक्षा अभियान के दौरान समाज में व्याप्त बालश्रम और बाल भिक्षावृत्ति के खिलाफ सघन अभियान चलाया जाएगा। साथ ही इसके शिकार हुए बच्चों का रेस्क्यू करते हुए दोषियों के खिलाफ सख्त वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। बच्चों की सुरक्षा और संरक्षण पर प्रारंभ किया जा रहा यह जागरूकता सप्ताह एक सामाजिक कार्यक्रम है। जिसमें सभी संबंधित हितधारक शासकीय/गैर शासकीय संस्थाओं का सहयोग लिया जाएगा।

स्थानीय प्रतिष्ठित लोगों को जोड़ा जाएगा

इसके अलावा जिला स्तर पर गठित टीम के साथ वहां के स्थानीय प्रतिष्ठित लोगों जैसे डॉक्टर, अधिवक्ता, शिक्षाविद, आगनवाड़ी कार्यकर्ता, समाज सेविका आदि को भी जोड़ा जाएगा। बच्चों के मन से पुलिस के प्रति भय को दूर करने के लिए स्कूल/कॉलेज के छात्र-छात्राओं को थाना/चौकी का भ्रमण कराया जाएगा। यह जागरूकता कार्यक्रम स्कूल/कालेज, मॉल, बस स्टैण्ड, रेल्वे स्टेशन, मेला-मड़ई, हाट-बाजार, आवासीय एवं व्यवसायिक परिसर पर आयोजित किया जाएगा। साथ ही राज्य में संचालित विभिन्न बाल देखरेख संस्थानों में भी जाकर वहां रह रहे बच्चों को जागरूक किया जाएगा।