छत्तीसगढ़ सरकार ने ‘स्थानीय निवासियों’ की परिभाषा निर्धारण में बड़ा बदलाव किया है। इस संबंध में सामान्य प्रशासन द्वारा पहले जारी निर्देश में संशोधन करते हुए नई शर्त जोड़ी गई है। इस शर्त के मुताबिक अब छत्तीसगढ़ के बाहर अन्य राज्यों में पढ़ रहे आवेदक या जिन्होंने राज्य के बाहर शिक्षा प्राप्त की हो, यदि उनके माता-पिता छत्तीसगढ़ राज्य का स्थानीय निवास प्रमाण पत्र प्राप्त करने की पात्रता रखते हैं तो, उन्हें भी छत्तीसगढ़ राज्य का स्थानीय निवास प्रमाण पत्र प्राप्त करने की पात्रता होगी।
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की अध्यक्षता में 8 सितम्बर को हुई कैबिनेट मीटिंग में इस संबंध में निर्णय लिया गया था। इसके परिपालन में राज्य सरकार के सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा मंत्रालय नवा रायपुर से इस संबंध में शासन के सभी विभागों, अध्यक्ष छत्तीसगढ़ राजस्व मंडल बिलासपुर, समस्त विभागाध्यक्षों, समस्त संभागायुक्तों, समस्त कलेक्टरों, जिला पंचायत के समस्त मुख्य कार्यपालन अधिकारियों को परिपत्र जारी कर दिया गया है। परिपत्र में कहा गया है कि उपरोक्त नई शर्त के साथ संदर्भित परिपत्र की अन्य सभी शर्तें यथावत् लागू रहेंगी।
2003 को जारी परिपत्र में किया गया संशोधन
राज्य शासन के ध्यान में यह आया है कि ऐसे आवेदकों को, जो दूसरे राज्यों में पढ़ रहे हैं या जिन्होंने दूसरे राज्यों में पढ़ाई की है, उन्हें छत्तीसगढ़ राज्य का स्थानीय निवास प्रमाण पत्र प्राप्त करने में कठिनाई हो रही है। ऐसे आवेदकों को छत्तीसगढ़ राज्य का स्थानीय निवास प्रमाण पत्र प्राप्त करने में कठिनाई न हो इसके लिए ‘स्थानीय निवासियों’ की परिभाषा के संबंध में सामान्य प्रशासन द्वारा 17 जून 2003 को जारी संदर्भित परिपत्र में जारी निर्देशों में संशोधन करते हुए नई शर्त जोड़ी गई है।
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