रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने सुकमा जिले के मरईगुड़ा लिङ्गनपल्ली सीआरपीएफ कैंप में एक जवान द्वारा फायरिंग की घटना में 4 जवानों की मृत्यु की दुर्भाग्य जनक घटना पर दुख व्यक्त किया है। उन्होंने पुलिस अधिकारियों से कहा है कि ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति ना हो इसके लिए सभी आवश्यक उपाय किए जाएं। बघेल ने घटना में मृतक जवानों के प्रति शोक संवेदना प्रकट की है। मुख्यमंत्री ने इस घटना में घायल जवानों के बेहतर इलाज के निर्देश अधिकारियों को दिए हैं।

दरअसल रविवार देर रात केंद्रीय रिजर्व पुलिस फोर्स (सीआरपीएफ) के जवान ने अपने साथियों पर फायरिंग कर दी। घटना में 4 जवानों की मौत हो गई, वहीं 3 घायल हैं। इनमें 2 जवानों की हालत गंभीर बताई जा रही है। उन्हें रायपुर रेफर कर दिया गया है। घटना के बाद आरोपी जवान को हिरासत में ले लिया गया है। अभी तक फायरिंग का सही कारण सामने नहीं आ पाया है।

फायरिंग की आवाज सुन दौड़े दूसरे जवान

जानकारी के मुताबिक घटना कोंटा विकासखंड के लिंगनपल्ली स्थित 217 बटालियन कैंप की है। देर रात करीब 3 बजे सीआरपीएफ जवान रितेश रंजन ने अपने साथियों पर गोली चला दी। गोली लगने से 2 जवानों की मौके पर ही मौत हो गई। इसी कैंप में 85वीं बटालियन के जवानों का भी कैंप है। फायरिंग की आवाज सुनते ही दूसरे जवान दौड़ कर मौके पर पहुंचे। इसके बाद अफसरों को घटना की जानकारी दी गई।

मानसिक रूप से परेशान बताया जा रहा है आरोपी जवान

घायल 5 जवानों को कैंप से करीब 11 किमी दूर तेलंगाना स्थित भद्राचलम के अस्पताल ले जाया गया। वहां पर इलाज के दौरान 3 जवानों ने दम तोड़ दिया। वहीं 2 अन्य की हालत गंभीर देख उन्हें चॉपर से रायपुर रेफर कर दिया गया है। बताया जा रहा है कि आपसी रंजिश या मानसिक संतुलन बिगड़ने के कारण आरोपी जवान ने गोली चलाई है। एक दिन पहले भी उसका साथी जवानों से विवाद हुआ था। आरोपी जवान कई दिनों से परेशान था।

मारे गए जवान बिहार और बंगाल के

घटना में मारे गए 2 जवान बिहार के रहने वाले थे, जबकि 1 पश्चिम बंगाल का निवासी था। चौथे जवान को लेकर अभी जानकारी नहीं मिल सकी है। मृतक जवानों में बिहार निवासी धांजी और राजमणि कुमार यादव समेत पश्चिम बंगाल निवासी राजीब मंडल के अलावा एक अन्य जवान धर्मेंद्र कुमार शामिल हैं। इनके अलावा जवान धर्मेंद्र कुमार सिंह, धर्मात्मा कुमार और मालया रंजन महाराणा घायल हैं।