5 जनवरी तक किया जाएगा क्रियान्वयन, अब तक 165 ग्राम पंचायतों को बनाया गया था मॉडल

रायपुर। छत्तीसगढ़ की सभी ग्राम पंचायतों में ‘गुड गवर्नेंस इनिशिएटिव्ह मॉडल ग्राम पंचायत कार्यक्रम का विस्तार किया जा रहा है। इसके अंतर्गत प्रदेश की सभी पंचायतों में ग्राम रोजगार सहायकों और पंचायत सचिवों को मनरेगा जॉब-कॉर्ड, सात तरह के रजिस्टर, वर्क फाइल और नागरिक सूचना पटल के बेहतर संधारण और प्रबंधन के लिए प्रशिक्षित किया जाएगा। केन्द्रीय ग्रामीण विकास मंत्रालय के निर्देश पर कार्यक्रम के पहले चरण में वर्ष 2019-20 में प्रदेश की 81 ग्राम पंचायतों को और दूसरे चरण में 2020-21 में 84 पंचायतों को मॉडल बनाया गया है। चालू वित्तीय वर्ष 2021-22 में तीसरे चरण में प्रदेश की शेष पंचायतों को मॉडल बनाया जाएगा। ग्राम पंचायतों में 20 दिसम्बर से 5 जनवरी तक इसका क्रियान्वयन किया जाएगा।

राज्य मनरेगा आयुक्त मोहम्मद कैसर अब्दुलहक ने ‘गुड गवर्नेंस इनिशिएटिव्ह मॉडल ग्राम पंचायत कार्यक्रम के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए सभी जिलों के कलेक्टर-सह-जिला कार्यक्रम समन्वयक (मनरेगा) को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा, कलेक्टरों इसमें व्यक्तिगत रूचि लेकर क्रियान्वयन करें। प्रदेश की ग्राम पंचायतों में इसके अंतर्गत चारों गतिविधियों जॉब-कॉर्ड, सात तरह के रजिस्टर, वर्क फाइल और नागरिक सूचना पटल के गहन क्रियान्वयन के लिए पंचायतों के कार्मिकों के क्षमता विकास के लिए विशेष एवं नियमित प्रशिक्षण, जनपद पंचायत और जिला पंचायत स्तर से मॉनिटरिंग तथा मैदानी स्तर पर हुए कार्यों का दस्तावेजीकरण किया जाएगा। कार्यक्रम के पहले और दूसरे फेज में शामिल पंचायतों के ग्राम रोजगार सहायकों और पंचायत सचिवों का उपयोग शेष पंचायतों के कार्मिकों के प्रशिक्षण के लिए प्रशिक्षक या मास्टर ट्रेनर के तौर पर किया जाएगा। तीसरे चरण में शामिल पंचायतों के कार्मिकों को पहले और दूसरे चरण में बने मॉडल ग्राम पंचायतों का अध्ययन भ्रमण कराया जाएगा। इस दौरान वे ‘इसके कार्यालय में सात रजिस्टर और वर्क फाइल के संधारण के तौर-तरीकों को देखेंगे।

छह चरणों में होगा क्रियान्वयन, पंचायत कार्मिकों के प्रशिक्षण और दक्षता पर जोर
कार्यक्रम के क्रियान्वयन को छह चरणों में पूर्ण किया जाएगा। पहले चरण में जिला पंचायत द्वारा पहले और दूसरे फेज में शामिल मॉडल पंचायतों को रिसोर्स ग्राम पंचायत के रूप में चिन्हांकित किया जाएगा। प्रशिक्षण के लिए इन रिसोर्स ग्राम पंचायतों के ग्राम रोजगार सहायक या पंचायत सचिव का चयन मास्टर ट्रेनर के रूप में किया जाएगा। दूसरे चरण में फेज-1 और फेज-2 में शामिल पंचायतों को छोड़कर शेष पंचायतों, जहां के ग्राम रोजगार सहायकों और पंचायत सचिवों का क्षमता विकास किया जाना है, का क्लस्टर बनाया जाएगा।