वनोपज पर आधारित छत्तीसगढ़ के पहले फूड पार्क का पायलट प्रोजेक्ट

गरियाबंद। जिले के देवभोग में छतीसगढ़ राज्य लघु वनोपज संघ का वनोपज पर आधारित पहला फूड पार्क बनाया जा रहा है। प्रदेश सरकार इसे पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर लागू कर रही है। देवभोग में बन रहा ये फूड पार्क ही जिला स्तरीय इंस्ट्रीज का भविष्य तय करेगा। महिला समूह सशक्तीकरण पर आधारित इस प्रोजेक्ट के क्रियान्वयन का जिम्मा छतीसगढ़ राज्य लघु वनोपज संघ को दिया गया है। यही वजह है कि इस पायलट प्रोजेक्ट को सफल बनाने के लिए अफसर दिन-रात मेहनत कर रहे हैं।

बी. आंनद बाबू ने बताया कि उत्पादन क्षेत्र में रहने वाले महिला स्व सहायता समूह वनोपज की खरीदी कर केंद्र में भेजा जाएगा। इन्हें खरीदी के लिए लोन उपलब्ध कराया जाएगा। लोन के अलावा खुद का अंश राशि भी लगाना होगा। प्रसंकरण केंद्र में काम करने वाले समूह की जवाबदेही में यूनिट का जिम्मा होगा। इसी समूह को यूनिट का लोन लेना होगा। लोन के अलावा इन्हें खुद की जमा राशि भी डालनी होगी। उद्योग चलाने में संग्राहक सदस्य, वनश्री समूह की भी आर्थिक भागीदारी होगी। शेयर मार्केट की तरह जिन- जिन की भागीदारी होगी, उनको लाभ की राशि लागत के अनुपात में मिलेगी।

6 महीने में स्थापित होगी यूनिट

बी. आंनद बाबू ने बताया कि देवभोग में लाख, चिरौंजी, नीम बीज प्रसंस्करण के तीन यूनिट के अलावा कृषि उत्पाद दलहन-तिलहन का भी प्रसंस्करण करने के लिए यूनिट की स्थापना की जाएगी। देवभोग के फोकटपारा में 4 एकड़ जमीन आरक्षित कर इंफ्रास्ट्रक्चर का काम शुरू कर दिया गया है और 6 महीने के भीतर इसे स्थापित करने का लक्ष्य रखा गया है। काम शुरू होने से पहले विभिन्न चरणों पर सर्वे कर उत्पादों की जानकारी से लेकर अब तक बाजार के सारे गणित-भूगोल तैयार किए जा रहे हैं जिससे कि ये योजना सफल हो।