कोरोना की संभावित तीसरी लहर के बीच इस साल भी रायपुर में गरबा डांडिया जैसे बड़े आयोजन नहीं होंगे। कोरोना संक्रमण के खतरे को देखते हुए बड़ी सार्वजनिक समितियों और इवेंट कंपनियों को खुले मैदान, हॉल या सार्वजनिक स्थानों में गरबा के आयोजन की अनुमति नहीं दी जाएगी। हालांकि कालोनी वालों को राहत दी जा सकती है। गणेश पूजा की तरह ही दुर्गा पूजा के लिए भी सख्त गाइडलाइन जारी की जाएगी।
इसके अलावा दुर्गा प्रतिमाओं के विसर्जन के लिए जुलूस या झांकी निकालने की भी अनुमति नहीं होगी। जो समितियां मोहल्लों में दुर्गा प्रतिमा स्थापित करेंगी वहां की पूरी जिम्मेदारी उन्हीं की होगी। पंडाल में आने-जाने के सख्त नियम होंगे। इस दौरान किसी एक को भी कोरोना हुआ तो समितियों के पदाधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। एडीएम एनआर साहू ने कहा कि दुर्गा पूजा के लिए गाइडलाइन तैयार हो रही है।

प्रशासन के पास पहुंच रही अर्जियां

दुर्गा पूजा के दौरान गरबा आयोजित करने के लिए प्रशासन के पास इवेंट कंपनियों की अर्जियां पहुंचने लगी हैं। फिलहाल अफसरों ने सभी आवेदनों को होल्ड कर दिया है। गणेश विसर्जन के बाद इन सभी आवेदकों को बुलाया जाएगा और उनसे दो टूक कहा जाएगा कि शहर में गरबा के बड़े आयोजन नहीं किए जाएंगे।

प्रशासन के निर्देश:

  • प्रतिमाओं को विसर्जन के लिए ले जाने वाली गाड़ी में 4 से ज्यादा लोग नहीं बैठेंगे। एक गाड़ी में एक ही प्रतिमा होगी।
  • छोटी मूर्तियों का विसर्जन घरों में ही करना होगा। बड़ी प्रतिमाएं निगम द्वारा बनाए गए विसर्जन कुंड में ही विसर्जित की जाएंगी।
  • प्रतिमा विसर्जन वाले रास्ते में कहीं भी स्वागत, भंडारा, प्रसाद वितरण या पंडाल लगाने की अनुमति नहीं होगी।
  • सूर्यास्त के बाद प्रतिमा विसर्जन की अनुमति नहीं होगी। सूर्योदय के पहले भी मूर्ति विसर्जन करने की अनुमति नहीं दी जाएगी।
  • विसर्जन जुलूस में बैंड-बाजा, धमाल या डीजे बजाने की अनुमति नहीं होगी। शहर के व्यस्त मार्गों से गाड़ी नहीं जाएगी।

पंडाल लगाने के लिए गाइडलाइन

  • पंडाल का साइज 15 बाई 15 से ज्यादा नहीं होगा साथ ही प्रतिमाओं की ऊंचाई 8 फीट ही होगी।
  • प्रतिमा पंडाल के सामने 500 फीट की खाली जगह होनी चाहिए।
  • पंडाल के सामने बैठने की व्यवस्था नहीं करना है। दर्शनार्थी 6 फीट की दूरी में ही रहकर प्रतिमाएं देख सकेंगे।
  • एक समय में पंडाल में 50 से ज्यादा लोग नहीं रह सकते। ज्यादा भीड़ पर कार्रवाई होगी।
  • समितियों को पंडाल में रजिस्टर रखना होगा। जिसमें आने जाने वालों की एंट्री की जाएगी।
  • प्रतिमा स्थल पर कोई भी कोरोना पॉजीटिव मिला तो उसकी जवाबदारी समिति की होगी।
  • पंडाल में किसी भी तरह का भोज, जगराता, संगीत मंडली, भंडारा, सांस्कृतिक कार्यक्रम करने पर पूरी तरह से बैन रहेगा।

कॉलोनियों में शर्त के साथ छूट

कॉलोनियों में होने वाले गरबा आयोजनों को थोड़ी राहत मिल सकती है। सोसाइटियों के भीतर 50 से ज्यादा लोग एक साथ नहीं रहने की शर्त पर अनुमति दी जा सकती है। हालांकि उन पर भी दुर्गा पूजा की गाइडलाइन लागू रहेगी। साथ ही आयोजन स्थल पर मास्क, थर्मल स्क्रीनिंग, सैनिटाइजर समेत सारी व्यवस्थाएं करनी होगी। इस तरह के आयोजनों में जांच की जिम्मेदारी संबंधित थाना प्रभारी और वहां के एसडीएम को दी जाएगी।