रायपुर। छत्तीसगढ़ शासन की महत्वकांक्षी योजना नरवा, गरवा, घुरवा, बाड़ी योजनांतर्गत चिन्हांकित नरवा को जल संरक्षण और संवर्धन के लिए संरक्षित किया जा रहा है। जिससे किसानों को खेती किसानी के लिए पर्याप्त मात्रा में सिंचाई के लिए पानी मिल सके। ज्यादातर ग्रामीण क्षेत्रों में किसान बरसात के पानी पर ही खेती के लिए निर्भर रहते हैं।

जशपुर जिले में नाला उपचार के कार्य ब्रशहुड, गली प्लग, बोल्ड चेक और गेबियन नाला गहरीकरण आदि के काम और क्षेत्र उपचार के तहत सी.सी.टी., एस.सी.टी, मेडबधान, डबरी, कुआं, 30-40 मॉडल, तालाब गहरीकरण, नवीन तलाब, भूमि सुधार के कार्य स्वीकृत किया गया है और कार्य किया जा रहा है।

किसानों की आमदनी बढ़ी

मनरेगा के एपीओ अस्वनी व्यास ने बताया कि नालों में पर्याप्त पानी रहने से किसानों को अच्छी फसल लेने में सुविधा होती है और उनको बरसात के पानी पर निर्भर नहीं रहना पड़ता है। जिले में नरवा विकास योजना से क्षेत्र का चहुंमुखी विकास हो रहा है। भू-जल संरक्षण और संवर्धन से क्षेत्र में पानी की समस्या अब नहीं होती है और किसानों के खेतों में दोहरी फसल से ग्रामीणों की आमदनी बढ़ रही है।