रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने प्रदेशवासियों को आज संविधान दिवस के अवसर पर बधाई और शुभकामनाएं दी हैं। बघेल ने अपने शुभकामना संदेश में कहा है कि लंबे संघर्ष से मिली आजादी के बाद भारत को एक मजबूत राष्ट्र के रूप में स्थापित करना एक महती जिम्मेदारी थी। भारत की विविधता को एक सूत्र में पिरोकर रखने के लिए एक मजबूत आधार की जरूरत थी, जिसे बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर के नेतृत्व में संविधान निर्माताओं ने पूरा किया। हमें गर्व है कि भारतीय संविधान के निर्माण में छत्तीसगढ़ की अनके विभूतियों ने भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

भारत की आजादी के बाद नागरिकों और देश को आगे ले जाने के लिए एक सशक्त दस्तावेज के रूप में 26 नवम्बर 1949 को संविधान सभा ने भारतीय संविधान को अंगीकृत किया था। सभी वर्गों की भावनाओं और जन अपेक्षाओं को संविधान में समाहित किया गया, जिससे सशक्त राष्ट्र निर्माण का सपना बखूबी पूरा हो सका है।

26 नवंबर को क्यों मनाते हैं संविधान दिवस?

हर भारतीय नागरिक के लिए हर साल 26 नवंबर का दिन बेहद खास होता है। दरअसल यही वह दिन है जब देश की संविधान सभा ने मौजूदा संविधान को विधिवत रूप से अपनाया था। यह संविधान ही है जो हमें एक आजाद देश का आजाद नागरिक की भावना का एहसास कराता है। जहां संविधान के दिए मौलिक अधिकार हमारी ढाल बनकर हमें हमारा हक दिलाते हैं, वहीं इसमें दिए मौलिक कर्तव्य में हमें हमारी जिम्मेदारियां भी याद दिलाते हैं। हर वर्ष 26 नवंबर का दिन देश में संविधान दिवस के तौर पर मनाया जाता है। 26 नवंबर को राष्ट्रीय कानून दिवस के रूप में भी जाना जाता है।