मेडिकल छात्रों के लिए दाखिले से जुड़ी बड़ी खबर सामने आई है। MBBS सीटों में इजाफा होने से कुल संख्या बढ़ गई है। राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग ने संशोधित सीट मैट्रिक्स जारी की है। इसके अनुसार, अब कुल 1,40,214 MBBS सीटें उपलब्ध हैं।
इन आंकड़ों में एम्स जैसे राष्ट्रीय महत्व के संस्थान शामिल नहीं हैं। सरकारी मेडिकल कॉलेजों में 2,786 सीटें बढ़ाई गई हैं। वहीं, निजी कॉलेजों में 10,400 सीटों का इजाफा हुआ है।
इस बढ़ोतरी से मेडिकल उम्मीदवारों को अतिरिक्त अवसर मिल सकते हैं। खासकर NEET-UG के जरिए प्रवेश लेने वाले छात्रों के लिए यह अहम है।
सरकारी और निजी मेडिकल कॉलेजों में बढ़ोतरी
नई सीट मैट्रिक्स में सरकारी और निजी संस्थानों का विवरण शामिल है। सरकारी कॉलेजों में अब कुल 61,185 MBBS सीटें बताई गई हैं।
निजी मेडिकल कॉलेजों में कुल सीटों की संख्या 65,843 हो गई है। इनमें 10,400 सीटों की बढ़ोतरी हुई है।
MBBS सीटों में इजाफा, कर्नाटक सबसे आगे
MBBS सीटों में इजाफा सभी राज्यों में समान नहीं रहा। कर्नाटक में सबसे ज्यादा 1,650 नई सीटें जोड़ी गई हैं।
कर्नाटक में अब कुल 15,745 MBBS सीटें हो गई हैं। तमिलनाडु में 1,250 नई सीटें बढ़ाई गई हैं। यहां कुल संख्या 14,299 हो गई है।
बिहार में भी 1,240 सीटों का इजाफा हुआ है। उत्तर प्रदेश में 1,200 नई सीटें जोड़ी गई हैं।
सबसे ज्यादा सीट बढ़ाने वाले राज्य:
- कर्नाटक में 1,650 सीटें बढ़ीं।
- तमिलनाडु में 1,250 नई सीटें जुड़ीं।
- बिहार में 1,240 सीटों का इजाफा हुआ।
- उत्तर प्रदेश में 1,200 सीटें बढ़ाई गईं।
- राजस्थान में 1,100 नई सीटें जोड़ी गईं।
- तेलंगाना में 1,010 सीटों की बढ़ोतरी हुई।
- पश्चिम बंगाल में 975 नई सीटें बढ़ीं।
राजस्थान और तेलंगाना में भी बड़ा बदलाव
राजस्थान में 1,100 नई MBBS सीटें जोड़ी गई हैं। अब राज्य में कुल 8,280 सीटें हो गई हैं।
तेलंगाना में 1,010 सीटें बढ़ी हैं। इसके बाद कुल संख्या 10,450 पहुंच गई है।
पश्चिम बंगाल में 975 सीटों का इजाफा हुआ है। महाराष्ट्र में 550 और आंध्र प्रदेश में 525 सीटें बढ़ी हैं।
छत्तीसगढ़ में भी 245 नई सीटें जोड़ी गई हैं। राज्य में कुल MBBS सीटों की संख्या 645 हो गई है।
मध्य प्रदेश और झारखंड में 520-520 सीटें बढ़ीं
नई सीट मैट्रिक्स के अनुसार, दोनों राज्यों में 520-520 सीटें बढ़ाई गई हैं। हरियाणा में 350 नई MBBS सीटें जोड़ी गई हैं।
केरल में 300 और गुजरात में 250 सीटों का इजाफा हुआ है। पुडुचेरी और उत्तराखंड में 200-200 सीटें बढ़ी हैं।
जम्मू-कश्मीर में 175 नई सीटें जोड़ी गई हैं। इससे वहां मेडिकल दाखिले के विकल्प बढ़ेंगे।
अन्य राज्यों में सीटों की बढ़ोतरी:
- असम में 100 सीटें बढ़ीं।
- ओडिशा में 100 नई सीटें जोड़ी गईं।
- सिक्किम में 100 सीटों का इजाफा हुआ।
- चंडीगढ़ में 50 सीटें बढ़ीं।
- गोवा में 50 नई सीटें जोड़ी गईं।
- पंजाब में 50 सीटों की बढ़ोतरी हुई।
- त्रिपुरा में 50 नई सीटें बढ़ीं।
- मणिपुर में 25 सीटें जोड़ी गईं।
- हिमाचल प्रदेश में एक सीट बढ़ी।
मेडिकल दाखिले में बढ़ेंगे विकल्प
MBBS सीटों में इजाफा होने से उम्मीदवारों के सामने अधिक विकल्प होंगे। हालांकि, दाखिला प्रक्रिया मेरिट और निर्धारित नियमों पर आधारित रहेगी।
सीटों की संख्या बढ़ने से उम्मीदवारों को कॉलेज चुनने में मदद मिल सकती है। सरकारी सीटों में बढ़ोतरी छात्रों के लिए विशेष रूप से महत्वपूर्ण है।
वहीं, निजी कॉलेजों में बड़ी वृद्धि से कुल सीटों का आंकड़ा भी बढ़ा है। इससे मेडिकल शिक्षा में प्रवेश के अवसर व्यापक हो सकते हैं।
MBBS सीटों में इजाफा छात्रों के लिए क्यों अहम?
MBBS सीटों में इजाफा होने का सीधा असर उपलब्ध सीटों पर पड़ेगा। इससे मेडिकल उम्मीदवारों को अतिरिक्त सीटों के विकल्प मिलेंगे।
नई सीट मैट्रिक्स के आधार पर छात्र कॉलेजों की उपलब्धता देख सकेंगे। हालांकि, प्रवेश के लिए NEET-UG की प्रक्रिया का पालन करना होगा।
कुल मिलाकर, देश में MBBS सीटों का आंकड़ा 1.40 लाख पार हो गया है। यह मेडिकल शिक्षा के क्षेत्र में बड़ा बदलाव है।
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