• युवा कांग्रेस ने धर्म संसद के आयोजकों पर भी की एफआईआर की मांग

रायपुर। राजधानी रायपुर में आयोजित धर्म संसद में संत कालीचरण की राष्ट्रपिता महात्मा गांधी पर टिप्पणी के बाद से सियासत में उबाल आ गई है। राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के अपमान के मामले में राजधानी रायपुर में संत कालीचरण के खिलाफ केस दर्ज हुआ है। पीसीसी चीफ मोहन मरकाम और प्रमोद दुबे ने की शिकायत के बाद टिकरापारा थाना पुलिस ने संत के खिलाफ केस दर्ज किया। गांधी के अपमान को लेकर कांग्रेसी कार्यकर्ताओं ने भी मोर्चा खोल दिया है।

वहीं इस मामले में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने खुलकर बयान दिया है। सीएम ने कहा बापू को गाली देकर, समाज मे विष वमन करके अगर किसी पाखंडी को लगता है कि वो अपने मंसूबों में कामयाब हो जाएंगे, तो उनका भ्रम है। उनके आका भी दोनों सुन लें.. भारत और सनातन संस्कृति दोनों की आत्मा पर चोट करने की जो भी कोशिश करेगा, न संविधान उसे बख्शेगा, न जनता उन्हें स्वीकार करेगी।

हिंदुत्ववादियों की टोलियों में अफरा-तफरी- सीएम

सीएम ने कहा कि जैसे चूहों के बिल में अगर पानी डालो तो एक साथ छटपटा कर बाहर भागते हैं, अफरा तफरी मच जाती है। राहुल गांधी ने देश के सामने ‘हिन्दू’ और ‘हिंदुत्ववादी’ का जबसे अंतर स्पष्ट किया है, हिंदुत्ववादियों की टोली में अफरा-तफरी मच गई है। मुख्यमंत्री ने इसके साथ ही एक वीडियो भी पोस्ट किया है। जिसमें मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने हिंदुत्ववादी और हिंदू के अंतर को स्पष्ट किया है।

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इसे लेकर राजनीति नहीं होनी चाहिए-साय

मामले में प्रदेश भाजपा अध्यक्ष विष्णुदेव साय और नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक का बयान सामने आया है। प्रदेश भाजपा अध्यक्ष विष्णुदेव साय ने कहा कि ये उनका व्यक्तिगत विचार है, इस पर हमें कोई टिप्पणी नहीं करनी है। इसे लेकर राजनीति नहीं होनी चाहिए। साधु संतों की वाणी पर किसी का कंट्रोल नहीं होता, वे अपनी सोच और विचार के हिसाब से बोलते हैं। वहीं, नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक ने कहा है कि धर्म संसद में देशभर के संत आते हैं, उन्हें बोलने की स्वतंत्रता है। अपनी समझ के हिसाब से अपनी बात रखते हैं। महात्मा गांधी राष्ट्रपिता है और हम सब उन्हें मानते रहेंगे। अब वे तो यहां से बोलकर चले गए। आयोजन कर्ताओं को सोचना चाहिए कि किन लोगों को इसमें बुलाया जाना चाहिए और किसे नहीं।

आयोजकों पर भी हो एफआईआर-युवा कांगेस

इधर युवा कांग्रेस ने धर्म संसद के आयोजकों पर भी एफआईआर की मांग उठाई है। युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता सुबोध हरितवाल ने कहा, इस धर्म संसद के आयोजनकर्ताओं पर भी मामला दर्ज किया जाना चाहिए जिन्होंने कालीचरण जैसे बाबा को आमंत्रित किया। उन्होंने कहा, बाबा कालीचरण की भाषा में हिंसा झलक रही है जो भारतीय संस्कृति के खिलाफ है और अस्वीकार्य है। महात्मा गांधी के देश में ऐसे कृत्यों को बर्दाश्त नहीं किया जा सकता। आयोजन समिति के लोगों को यह सुनिश्चित करना था कि सभा में हिन्दू सनातन धर्म की बात हो, देवी देवताओं की बात हो, समाज को मजबूत करते हुए देश को मजबूत करने की बात हो। उन्होंने कहा, कालीचरण बाबा जैसे लोगों को आमंत्रित कर छत्तीसगढ़ का शांत वातावरण खराब करने के लिए कार्रवाई होनी चाहिए। ऐसी मांग पर पार्टी में ही असमंजस की स्थिति बन रही है।

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आयोजकों में महंत रामसुदंर सहित कई कांग्रेसी

राज्य गौ सेवा आयोग के अध्यक्ष और दूधाधारी मठ के महंत रामसुंदर दास इस आयोजन के संरक्षक थे। इसके अलावा कांग्रेस विधायक विकास उपाध्याय और निगम के सभापति प्रमोद दुबे इसके आयोजन से जुड़े हुए थे। हालांकि इसके आमंत्रण में आयोजक के तौर पर अब तक अनाम रहे एक संगठन श्री नीलकंठ सेवा संस्थान एवं समस्त हिंदू संगठनों के नाम का उपयोग हुआ था। इसके संरक्षकों में शंकराचार्य आश्रम के इंदुभवानंद और शदाणी दरबार के प्रमुख युधिष्ठिर लाल को भी शामिल किया गया था। जिस समय महात्मा गांधी को गाली देकर उनके हत्यारे का महिमामंडन हो रहा था, इसमें से अधिकांश लोग वहां मौजूद भी थे।

कांग्रेस बोली, एक्शन पर विचार किया जा रहा है

प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने कहा, आयोजकों में जो कांग्रेस के पदाधिकारी थे उन पर एक्शन के संबंध में विचार किया जा रहा है। फौरी तौर पर आयोजकों को यह ध्यान रखना था कि वे जिन संतों को बुला रहे हैं उनकी विध्वंसक प्रोफाइल तो नहीं है। वे इस देश की गंगा-जमुनी तहजीब पर प्रहार करने वाले लोग तो नहीं हैं। धर्म संसद की आड़ में राष्ट्रपिता पर प्रहार किया जाएगा तो बर्दाश्त नहीं है। उन्होंने कहा, आयोजकों में जो कांग्रेस के लोग शामिल थे, उनसे भी पूछताछ की जाएगी।