• राजधानी में एक कार्यक्रम में भाग लेने पहुंचे

रायपुर। केंद्र सरकार के कृषि कानून विरोधी आंदोलन नेता भारतीय किसान यूनियन के प्रवक्ता राकेश टिकैत छत्तीसगढ़ प्रवास पर हैं। एक निजी कार्यक्रम में शामिल होने आए टिकैत ने कांग्रेस के स्थानीय नेताओं, किसान संगठनों के प्रतिनिधियों और सिख संगठनों से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने दो टूक कहा, सरकार जिन फसलों पर न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) घोषित करती है उसे वैध कर दे। बाद में दूध और सब्जियों की एमएसपी पर भी बात होती रहेगी। पत्रकारों से चर्चा में राकेश टिकैत ने कहा, दिल्ली का कार्यक्रम सफल रहा। यहां के लोगों का भी उसमें बड़ा सहयोग रहा। संयुक्त किसान मोर्चा में जो तय होता था, उसके आधार पर रायपुर और छत्तीसगढ़ के अलग-अलग जिलों में कार्यक्रम होते थे।

टिकैत ने कहा, अभी भी एमएसपी का एक बड़ा सवाल बचा हुआ है। मीडिया और सरकारों के जरिए यह बात जनता के बीच पहुंच गई है। अब आगे सरकार से बातचीत कर उसका समाधान निकालेंगे। उन्होंने कहा कि सरकार अभी जितनी फसलों के लिए एमएसपी घोषित करती है उसे ही लीगलाइज कर दे। एक बार वह हो गया तो आगे दूध और सब्जियों पर भी बात होगी। केंद्र सरकार की ओर से तीनों कानून वापस लेने की वजह पूछे जाने पर टिकैत ने कहा, सरकार ने हमारा काम कर दिया। खामखां सरकार के कान में उंगली डालकर नहीं खुजाया करते।

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कुछ लोग गुमराह कर रहे हैं

एमएसपी देने से कृषि उत्पादों की कीमतें बढ़ जाने के कुछ विशेषज्ञों के दावों से जुड़े सवाल पर राकेश टिकैत ने कहा, ऐसे विशेषज्ञों को हम भी ढूंढ रहे हैं। ये कौन लोग हैं। हमें तो ऐसे एक भी विशेषज्ञ नहीं मिले। टिकैत ने कहा, हमें एमएसपी दिलवा दो सरकार को टैक्स भी ज्यादा मिलेगा। हम सरकार को यह गणित बता देंगे। उन्होंने कहा, ऐसे ही विशेषज्ञ सरकार को गलत राय दे रहे हैं।