रायपुर। छत्तीसगढ़ के सरकारी स्कूलों में यूनिफॉर्म की नई व्यवस्था लागू होने वाली है। जी हां, सरकार अब हाई स्कूल और हायर सेकेंडरी कक्षाओं के आर्थिक रूप से कमजोर विद्यार्थियों को भी स्कूल यूनिफॉर्म उपलब्ध कराएगी। जिसका मूल्य महज 10 रुपये होगा। बताया जा रहा है कि सरकार की ओर से की जा रही ये व्यवस्था अगले शिक्षा सत्र यानी 2022-23 से लागू होगी।

बता दें कि छत्तीसगढ़ स्कूल शिक्षा विभाग कक्षा 1 से लेकर कक्षा 8वीं तक के बच्चों को मुफ्त यूनिफॉर्म उपलब्ध कराता है। जबकि हाई स्कूल और हायर सेकेंडरी के स्टूडेंट्स को यूनिफॉर्म सिलाना पड़ता है। पिछले दिनों मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने स्कूली बच्चों के यूनिफॉर्म खरीदी का काम छत्तीसगढ़ हाथकरघा विकास एवं विपणन सहकारी संघ मर्यादित के माध्यम से करने को कहा था।

स्कूल शिक्षा विभाग ने दी सहमति

मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद स्कूल शिक्षा विभाग ने यूनिफॉर्म के कपड़ों की खरीदी के लिए छत्तीसगढ़ हाथकरघा विकास एवं विपणन सहकारी संघ मर्यादित को सैद्धांतिक सहमति भी दे दी है। स्कूल शिक्षा विभाग ने इसका आदेश भी जारी कर दिया है। इसके मुताबिक प्राथमिक-माध्यमिक छात्र-छात्राओं को मुफ्त और हाई स्कूल-हायर सेकेंडरी स्कूलों में पढ़ रहे आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के बच्चों को महज 10 रुपये में यूनिफॉर्म उपलब्ध होगी।

इस साल नहीं मिला ऑर्डर

आमतौर पर बुनकर संघों को स्कूल ड्रेस बनाने का काम जुलाई महीने से पहले दे दिया जाता है। लेकिन इस साल स्कूल ही अगस्त में खुले। साथ ही कोरोना की वजह से बनी स्थिति के कारण सत्र संचालन में आई अनिश्चितता और प्रशासनिक सुस्ती की वजह से इस साल बुनकरों संघों को ऑर्डर ही नहीं दिया गया। सरकार हर साल इन समितियों को 62 से 63 लाख गणवेश बनाने का काम देती रही है।

समिति की संख्या में हो सकती है बढ़ोतरी

हाथकरघा विकास एवं विपणन सहकारी संघ के मुताबिक प्रदेश में 292 बुनकर समितियां काम कर रही हैं। इनमें से 250 बुनकर समितियां हाथकरघा संघ में सरकारी मांग के मुताबिक 59 प्रकार के कपड़े बनाती हैं। इसके अलावा 651 महिला स्व-सहायता समूह स्कूल ड्रेस की सिलाई का काम करती हैं। विभागीय जानकारों का कहना है कि गणवेश वितरण का दायरा बढ़ने से उसे पूरा करने के लिए इन समितियों की संख्या भी बढ़ानी होगी।