केद्रीय मंत्री पीयूष गोयल से मिलने बुधवार को जाएंगे दिल्ली
रायपुर। छत्तीसगढ़ में धान खरीदी की तारीख तय होते ही सियासी घमासान भी शुरू हो गया है। मंत्री अमरजीत भगत ने केंद्र सरकार पर सहयोग नहीं करने के आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा है कि बारदाने का संकट है और केंद्र सरकार सहयोग नहीं कर रही है। अभी तक बारदाना उपलब्ध नहीं कराया गया है। दूसरी तरफ केंद्र सरकार ने उसना चावल नहीं लेने का ड्रामा शुरू कर दिया है। सरकार ने इस बार 105 लाख मीट्रिक टन धान खरीदने का लक्ष्य रखा है। प्रदेश में इस बार 1 दिसंबर से धान खरीदी होगी।

उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार की पाकिस्तान से तुलना की है। उन्होंने केंद्र पर आरोप लगाते हुए कहा कि हिंदुस्तान और पाकिस्तान के बीच पटती नहीं है लेकिन वार्ता होती रहती है। उन्होंने बताया कि 1 दिसम्बर से धान खरीदी होनी है। धान खरीदी की तैयारियों को लेकर नोडल अधिकारियों की नियुक्ति के निर्देश दे दिये गए हैं, इसके साथ ही केंद्रीय पूल के अंतर्गत 61.65 लाख टन अरवा चावल लेने की अनुमति मिली है। छत्तीसगढ़ में धान खरीदी की तारीख तय होते ही सियासी घमासान भी शुरू हो गया है। मंत्री अमरजीत भगत ने केंद्र सरकार पर सहयोग नहीं करने के आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा है कि बारदाने का संकट है और केंद्र सरकार सहयोग नहीं कर रही है। अभी तक बारदाना उपलब्ध नहीं कराया गया है। दूसरी तरफ केंद्र सरकार ने उसना चावल नहीं लेने का ड्रामा शुरू कर दिया है।

शर्तों में बदलाव के लिए पत्राचार कर रही सरकार

भगत ने बताया केंद्रीय पूल में चावल लेने की शर्तों से सरकार और मिलर दोनों परेशान हैं। मिलरों के साथ बैठक के बाद खाद्य विभाग ने केंद्र सरकार के साथ पत्राचार शुरू किया है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल लगातार केंद्र सरकार पर दबाव बना रहे हैं। ताकि शर्तों में बदलाव कर उसना चावल देने की भी अनुमति मिल जाए। इसके लिए पत्राचार भी चल रहा है।

राइस मिलरों से लेंगे बारदाना

मंत्री ने कहा कि पिछले साल की तरह संकट न हो, इसके लिए तय हुआ है कि शुरू से ही किसानों के बारदानों में भी धान की खरीदी की जाएगी। सरकारी राशन की दुकानों और राइस मिलों से भी बारदाना लिया जाएगा। इसके साथ ही प्लास्टिक के बारदाने खरीदने के लिए टेंडर की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।

मुख्यमंत्री धान वाले बाबा के नाम से जाने जाएंगे

केंद्रीय पूल में उसना चावल नहीं लिया जा रहा है। जिससे 500 राइस मिल्स बंद हो जाएगी। आम बजट में खाद्य योजनाओं का विस्तार होना चाहिए। अमरजीत भगत ने कहा कि वह केंद्र सरकार से उसना चावल लेने का अनुरोध भी करेंगे। केंद्रीय खाद्य मंत्री पीयूष गोयल से धान उपार्जन और कस्टम मिलिंग से संबंधित मांगें रखने के लिए समय मांगा है। भारत सरकार से लगातार संपर्क जारी है। अभी तक समय नहीं मिला है। इस समय धान खरीदी को लेकर पूरे देश में छत्तीसगढ़ का नाम है। खाद्य मंत्री ने तंज कसते हुए कहा कि केंद्र सरकार के असहयोग के बावज़ूद रिकॉर्ड धान खरीदी हो रही है। उन्होंने आगे कहा कि छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री को लोग अब धान वाले बाबा के नाम से जानेंगे