नेटफ्लिक्स पर तीन सितंबर से स्ट्रीम हो रही द जेंटलमेन सीजन 2 रिव्यू करना दिलचस्प है क्योंकि यह सीरीज पहले सीजन से भी ज्यादा गहरी और उलझी हुई कहानी लेकर आई है. गाय रिची की यह ब्रिटिश गैंगस्टर ड्रामा एक साल बाद की कहानी दिखाती है, जहां एडी अपने अभिजात परिवार की बड़ी संपत्ति का अनचाहा वारिस बन चुका है और अब उसे अपराध की दुनिया से और गहराई से जूझना पड़ रहा है.
कुल मिलाकर सीजन कैसा है
यह सीजन पहले से कहीं ज्यादा डार्क, तेज और किरदारों की उलझनों से भरा है. थियो जेम्स एक बार फिर एडी की भूमिका में हैं, लेकिन इस बार उनका किरदार पहले जितना संयमित नहीं रहता. काया स्कोडेलारियो के साथ उनकी केमिस्ट्री सीजन की सबसे बड़ी ताकत बनकर उभरती है.
द जेंटलमेन सीजन 2 रिव्यू में क्या खास लगा
- थियो जेम्स का अभिनय पहले से ज्यादा परिपक्व और असरदार है
- कहानी की बुनावट कसी हुई है, हालांकि गति कुछ हिस्सों में धीमी लगती है
- ब्रिटिश हास्य और गंभीर ड्रामा का संतुलन बेहतर तरीके से साधा गया है
- सिनेमैटोग्राफी और सेट डिजाइन शाही ठाठ को बखूबी दिखाते हैं
- सहायक कलाकारों को भी इस सीजन में ज्यादा स्पेस मिला है
किरदारों में आया बदलाव
इस सीजन में एडी का किरदार पहले जितना संतुलित और शालीन नहीं दिखता. लेखकों ने उसे कई मुश्किल और कमजोर पलों से गुजारा है, जिससे किरदार में गहराई तो आई है लेकिन वह अपने पुराने रूप से काफी अलग महसूस होता है. यह बदलाव कुछ दर्शकों को पसंद आ सकता है तो कुछ को खटक भी सकता है.
रफ्तार और ट्रीटमेंट को लेकर राय बंटी हुई है
आलोचकों की राय इस सीजन को लेकर बंटी हुई है. कुछ समीक्षकों का मानना है कि यह नेटफ्लिक्स की बेहतरीन पेशकशों में से एक है, वहीं कुछ का कहना है कि सीजन की धीमी रफ्तार दर्शकों का धैर्य परखती है. बीच के एपिसोड में कहानी थोड़ी खिंची हुई भी महसूस होती है.
किन दर्शकों को यह सीरीज पसंद आएगी
जिन दर्शकों को स्टाइलिश गैंगस्टर ड्रामा, तीखे संवाद और जटिल किरदार पसंद हैं, उनके लिए यह सीजन काफी दिलचस्प साबित हो सकता है. हालांकि हल्के-फुल्के मनोरंजन की तलाश करने वालों को इसकी गहराई और धीमे हिस्से थोड़े भारी लग सकते हैं.
निचोड़ यह है
द जेंटलमेन सीजन 2 अपने पहले सीजन के मुकाबले ज्यादा साहसी और जोखिम भरा प्रयोग है. यह हर किसी को पसंद नहीं आएगा, लेकिन जो लोग गहरे और स्टाइलिश क्राइम ड्रामा के शौकीन हैं, उनके लिए यह सीजन जरूर देखने लायक है.
पहले सीजन से तुलना करें तो क्या बदला है
पहला सीजन जहां एक नए वारिस के अपराध की दुनिया में कदम रखने की कहानी थी, वहीं यह सीजन उसी किरदार के पूरी तरह उस दुनिया में रच-बस जाने की कहानी दिखाता है. लेखन में इस बार जोखिम ज्यादा लिया गया है, जिससे कहानी अनप्रेडिक्टेबल तो बनती है, लेकिन कुछ पुराने प्रशंसकों को शुरुआती एपिसोड में यह बदलाव अचानक भी लग सकता है.
निर्देशन और सिनेमैटोग्राफी का पक्ष
गाय रिची की खास शैली इस सीजन में भी साफ झलकती है, तेज कट्स, स्टाइलिश बैकग्राउंड म्यूजिक और नाटकीय संवाद इसकी पहचान बने रहते हैं. कैमरा वर्क और लोकेशन चुनाव कहानी के भव्य माहौल को अच्छी तरह उभारते हैं, जिससे हर एपिसोड देखने में सिनेमाई अनुभव जैसा लगता है.
सहायक कलाकारों का प्रदर्शन
इस सीजन में सहायक किरदारों को पहले से ज्यादा गहराई और स्क्रीन टाइम मिला है. इससे कहानी में कई उप-कथाएं भी जुड़ती हैं, जो मुख्य कहानी को और दिलचस्प बनाती हैं. हालांकि कुछ जगहों पर इतनी सारी उप-कहानियां एक साथ चलने से मुख्य किरदार पर से ध्यान थोड़ा भटकता भी है.
संगीत और माहौल
सीरीज का बैकग्राउंड स्कोर और साउंडट्रैक कहानी के तनाव और नाटकीयता को बखूबी बढ़ाता है. ब्रिटिश एस्टेट की भव्य लोकेशन और शहरी अंडरवर्ल्ड के दृश्यों के बीच का कंट्रास्ट भी सीरीज के देखने के अनुभव को खास बनाता है.
आगे की कहानी को लेकर उम्मीदें
सीजन का अंत कई सवाल खुले छोड़ता है, जिससे आगे एक और सीजन आने की संभावना जताई जा रही है. दर्शकों में इस बात को लेकर उत्सुकता है कि एडी का किरदार आगे किस दिशा में जाएगा और परिवार की पुरानी रंजिशें किस मोड़ पर पहुंचेंगी. मेकर्स की तरफ से अभी अगले सीजन को लेकर आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन शो की लोकप्रियता को देखते हुए इसकी संभावना काफी ज्यादा मानी जा रही है.
भारतीय दर्शकों के बीच सीरीज की पकड़
ब्रिटिश सेटिंग और अंग्रेजी संवादों के बावजूद यह सीरीज भारतीय ओटीटी दर्शकों के बीच भी अच्छी खासी लोकप्रिय हुई है, खासकर उन दर्शकों में जो विदेशी क्राइम ड्रामा और स्टाइलिश थ्रिलर पसंद करते हैं. सबटाइटल के साथ यह सीरीज देखना ज्यादा आसान हो जाता है, क्योंकि संवादों की गति कई जगह तेज है.
अस्वीकरण: यह रिव्यू लेखक की व्यक्तिगत राय पर आधारित है और हर दर्शक का अनुभव अलग हो सकता है. यह जानकारी प्रकाशन तिथि तक उपलब्ध सार्वजनिक स्रोतों पर आधारित है और आगे बदल सकती है.
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