केंद्रीय मंत्री प्रहलाद जोशी बुधवार को कोयला खदानों के निरीक्षण के लिए कोरबा पहुंचे। देश भर में कोयले की कमी के चलते आ रहे बिजली संकट की बात उन्होंने स्वीकारी। छत्तीसगढ़ पहुंचे केंद्रीय मंत्री ने कहा कि कोयले की कमी हुई है, लेकिन अब स्थिति सुधर रही है। जितना कोयला बिजली आपूर्ति के लिए चाहिए, वह दिया जा रहा है।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि पोस्ट कोविड के बाद बिजली खपत बढ़ी है। अभी तक हम पावर प्लांट को 1.9 मिलियन कोयला प्रतिदिन दे रहे थे, लेकिन बुधवार को 2.08 मिलियन टन दिया गया। मंत्री ने अफसरों से कहा है कि पावर प्लांट के लिए जो लक्ष्य तय किया गया था, उसके मुताबिक उन्हें रोज हर हाल में कोयला मिलना चाहिए।
डोमेस्टिक उत्पादन 20 फीसदी बढ़ा
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत बढ़ने से आयातित कोयले की मात्रा 30 प्रतिशत कम हुई है। उन्होंने यह भी कहा कि कोल इंडिया ने अपना उत्पादन 20 प्रतिशत तक बढ़ाया है। कोयले में कमी का एक कारण मानसून के लंबे समय तक रहना भी है। कोविड के बाद हमारी इकोनॉमी की रिकवरी बहुत अच्छी हुई। इसके कारण बिजली की मांग अचानक से बढ़ गई। इस पीक स्थिति में कोयले की कमी हुई थी।
8 घंटे खदानों का निरीक्षण
कोरबा में करीब 8 घंटे तक केंद्रीय मंत्री प्रहलाद जोशी ने खदानों का निरीक्षण किया। साथ ही अफसरों की बैठक भी ली। उन्होंने बताया कि मुआवजे के लिए एसईसीएल के अफसरों से कहा गया है। जो लोग भी उसके हकदार हैं और हमारी ओर से रुका है, उसे तत्काल पूरा किया जाए। परिजनों को नौकरी देना है, तो उस समस्या को भी तत्काल दूर करें। कई मामलों में परिजनों की ओर से देर की जा रही है। इसके लिए कलेक्टर और SP को इसमें दखल देकर निराकरण के निर्देश दिए हैं।
छत्तीसगढ़ में 20% कोयला उत्पादन
छत्तीसगढ़ पूरे देश की जरूरत का 20 प्रतिशत कोयला देता है। यहां कोल इंडिया की सहयोगी कंपनी साउथ-इस्टर्न कोल फील्ड्स लिमिटेड (एसईसीएल) की 41 खदानें हैं। इसमें से ओपन कास्ट खदानों की संख्या अधिक है। यहां से सालाना 150 लाख मीट्रिक टन कोयले का उत्पादन होता है। कोरबा जिले की ही खदानों से एसईसीएल 130 लाख मीट्रिक टन कोयला निकालती है। अफसरों के मुताबिक, कायदे से बिजली कंपनियों को 24 दिन उपयोग के बराबर कोयला स्टॉक रखना होता है।
jai sir is a dedicated news blogger at The Hind Press, known for his sharp insights and fact-based reporting. With a passion for current affairs and investigative journalism, he covers national, international, sports, science, headlines, political developments, environment, and social issues with clarity and integrity.
