वीबी जीरामजी अधिनियम

रायपुर के ठाकुर प्यारेलाल राज्य पंचायत एवं ग्रामीण विकास संस्थान (एसआईआरडी) में वीबी जीरामजी अधिनियम के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए तीन दिवसीय राज्यस्तरीय कार्यशाला आयोजित की गई। इसमें राज्य के सभी निर्वाचित जिला पंचायत सदस्यों और स्थायी समितियों के सभापतियों को अधिनियम के प्रावधानों तथा उनकी जिम्मेदारियों की जानकारी दी जा रही है।

मुख्य बातें

  • रायपुर में तीन दिवसीय राज्यस्तरीय कार्यशाला।
  • जिला पंचायत सदस्यों का क्षमता विकास।
  • 125 दिनों के रोजगार प्रावधान की जानकारी।
  • ग्राम सभा आधारित कार्यों पर विशेष जोर।
  • सामाजिक अंकेक्षण और वित्तीय प्रबंधन का प्रशिक्षण।

वीबी जीरामजी अधिनियम से पंचायतों को मिलेगी नई जिम्मेदारी

विकसित भारत–जीरामजी योजना के आयुक्त तारन प्रकाश सिन्हा ने कहा कि विकसित भारत के लक्ष्य में पंचायत प्रतिनिधियों की अहम भूमिका है। उन्होंने बताया कि अधिनियम के तहत पात्र ग्रामीण परिवारों को प्रतिवर्ष 125 दिनों के रोजगार की गारंटी और 300 रुपये प्रतिदिन मजदूरी का प्रावधान किया गया है।

उन्होंने कहा कि सभी विकास कार्यों का चयन ग्राम सभा के माध्यम से होगा। इससे स्थानीय भागीदारी बढ़ेगी और योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता सुनिश्चित होगी।

वीबी जीरामजी अधिनियम के व्यवहारिक पहलुओं पर विशेष सत्र

कार्यशाला में विशेषज्ञों ने पंचायत प्रतिनिधियों को विकसित ग्राम पंचायत योजना, पात्र परिवारों का पंजीयन, रोजगार कार्ड, शिकायत निवारण प्रणाली, वित्तीय प्रबंधन, सामाजिक अंकेक्षण, प्राकृतिक संसाधन प्रबंधन और आजीविका संवर्धन जैसे विषयों पर प्रशिक्षण दिया।

प्रशिक्षण का उद्देश्य प्रतिनिधियों को व्यवहारिक जानकारी देकर अधिनियम का प्रभावी संचालन सुनिश्चित करना है।

ग्रामीण विकास योजनाओं को मिलेगा लाभ

कार्यशाला के माध्यम से जनप्रतिनिधियों की क्षमता बढ़ाई जा रही है। इससे ग्राम सभाओं की भूमिका मजबूत होगी और रोजगार, आजीविका तथा ग्रामीण विकास योजनाओं का बेहतर क्रियान्वयन संभव हो सकेगा।

प्रमुख अपडेट

  • राज्यभर के जिला पंचायत सदस्य प्रशिक्षण में शामिल।
  • 125 दिनों के रोजगार प्रावधान पर जानकारी।
  • ग्राम पंचायत विकास योजना पर फोकस।
  • पारदर्शिता और जवाबदेही पर जोर।
  • व्यवहारिक प्रशिक्षण के जरिए क्षमता विकास।