धान के परिवहन का जिम्मा कलेक्टर पर

मिलरों को पहले दिन से ही धान का उठाव करने के निर्देश

रायपुर। इस साल धान खरीदी के लिए बिलासपुर संभाग में 5 लाख 86 हजार 166 किसानों ने पंजीयन कराया है। पिछले साल के आंकड़ों के मुकाबले ये 10 फीसदी ज्यादा है। इसके साथ-साथ रकबे में भी बढ़ोतरी हुई है। इस बार किसानों को कोई परेशानी ना हो इसके लिए प्रशासन ने सारी व्यवस्था कर ली है। धान खरीदी के पहले ही दिन परिवहन की व्यवस्था करना कलेक्टर की जिम्मेदारी होगी। बता दें कि 1 दिसंबर से शुरू हो रहे धान की खरीदी और कस्टम मिलिंग की तैयारी के लिए बुधवार को खाद्य विभाग के सचिव टोपेश्वर वर्मा ने संभाग स्तरीय बैठक में कलेक्टर को ये निर्देश दिए हैं।

संभाग आयुक्त कार्यालय में हुई बैठक में मार्कफेड की एमडी किरण कौशल ने कहा कि धान खरीदी और नागरिक आपूर्ति निगम में चावल जमा करने के लिए एफएक्यू. का सख्ती से पालन करना होगा। भारतीय खाद्य निगम इस साल 45 लाख टन केवल अरवा चावल ही लेगा। इसलिए शुरूआत से ही गुणवत्ता का ध्यान रखना है। धान की उन किस्मों को चिन्हित किया जाए जिससे उसना चावल बनता है और इसके अनुसार ही खरीदी केंद्रों में स्टॉक किया जाए।

रकबे की प्रविष्टि दो दिन में पूरा करने का निर्देश

खाद्य सचिव ने कहा कि धान बेचने वाले किसानों को उनके रकबा पंजीयन के संबंध में कोई समस्या है तो उसका निराकरण भी करें। गलत प्रविष्टि हो तो उसे निरस्त करें। रकबे की प्रविष्टि दो दिन के अंदर पूरी करने को कहा गया। उपार्जन केंद्रों में शॉर्टेज की स्थिति की समीक्षा की गई। जीरो शार्टेज का लक्ष्य बनाकर धान खरीदी करने का निर्देश दिया गया है।

बारदाना प्रभारी नियुक्त करने के निर्देश

खाद्य सचिव से मिली जानकारी के मुताबिक 25 प्रतिशत धान खरीदी किसानों के बारदाने से होगी। किसानों के बारदानों से पहले ही दिन से खरीदी की जाएगी। बारदानों को लेकर धान बिक्री में किसानों को समस्या नहीं होगी। जो किसान जल्दी बारदाना लेकर आएंगे उनके धान की जल्दी तौलाई हो जाएगी। उन्होंने बताया कि इस साल पीडीएस के बारदानें, मिलर्स के और नए एवं पुराने और किसानों के बारदानों से धान खरीदी होनी है। इसके लिए राज्य स्तर पर बारदाना सेल बनाया जा रहा है। उन्होंने जिला स्तर पर भी बारदाना प्रभारी नियुक्त करने कहा, जो हर दिन बारदानों की समीक्षा करेंगे। हर केंद्र में भी बारदाना सुपरवाइजर बनाने कहा गया है जिसे बारदानों का समुचित हिसाब किताब हो सके।

मिलिंग क्षमता बढ़ाने के निर्देश

बैठक में खरीफ सीजन 2021-22 में धान खरीदी के साथ-साथ कस्टम मिलिंग की तैयारी शुरू करने को कहा गया है। पहले ही दिन से मिलर्स उठाव शुरू करेंगे। शत प्रतिशत मिलों में ब्लेडिंग मशीन रखना होगा। बैठक में उपलब्ध मिलिंग क्षमता की समीक्षा की गई। संभाग में 26 लाख 86 हजार 582 टन चावल के उपार्जन की अनुमानित है। इसके अनुरूप भंडारण क्षमता बढ़ाने को कहा गया। किरण कौशल ने कहा कि चावल के सुरक्षित भंडारण पर भी विशेष ध्यान दिया जाए। धान खरीदी के दौरान सीमावर्ती जिलों में विशेष निगरानी की व्यवस्था बनाने का निर्देश भी दिया गया।