• खाद्य विभाग ने राजपत्र में किया संशोधन
  • खुले बाजार में बेचने पर राशन कार्ड होगा निरस्त

रायपुर। सरकारी राशन खुले बाजार में बेचते मिलने पर राशन कार्ड निरस्त किया जा सकता है। इसके अलावा आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत 7 साल की जेल भी हो सकती है। सरकारी राशन खुले बाजार के बिकने को लेकर राज्य शासन अब सख्त हो गई है। इस कार्रवाई के लिए राज्य शासन ने राजपत्र में भी संशोधन कर दिया है।

राज्य शासन ने शासकीय उचित मूल्य दुकान से राशन कार्ड के माध्यम से प्राप्त किए गए चावल, शक्कर, केरोसिन को कार्डधारक खुले बाजार में ना तो बेच सकेंगे और ना ही बाजार में कोई भी दुकानदार, चावल, शक्कर, केरोसिन खरीद सकेंगे। जो कार्ड धारक अथवा दुकानदार राशन सामग्री खरीदी-बिक्री करते हुए पकड़े जाएंगे उसके विरुद्ध छत्तीसगढ़ सार्वजनिक वितरण प्रणाली और नियंत्रण आदेश 2016 और आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 के तहत कार्यवाही की जाएगी।

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निरस्त किया जाएगा राशन कार्ड

खाद्य मंत्रालय नवा रायपुर द्वारा राजपत्र में संशोधन किया गया है कि सार्वजनिक वितरण प्रणाली और अन्य कल्याणकारी योजनाओं के अंतर्गत शासकीय उचित मूल्य दुकानों से हितग्राही और कल्याणकारी संस्थाओं को प्रदाय राशन सामग्री को अहस्तांतरणीय कर दिया गया है। इसका सीधा आशय है कि कोई भी राशन कार्डधारी या कल्याणकारी संस्थाओं से अपने राशन कार्ड के माध्यम से, राशन दुकान से खरीदे चावल, शक्कर केरोसिन आदि का उपयोग स्वयं के लिए करेगा यदि कोई हितग्राही अथवा कल्याणकारी संस्था द्वारा अपने लिए प्राप्त राशन सामग्री को खुले बाजार में अधिक दर पर विक्रय करते हुए पाया जाता है तो कार्ड धारक का राशन कार्ड निरस्त करने की कार्यवाही की जाएगी।

7 साल तक की हो सकती है सजा

जो दुकानदार राशन कार्ड धारकों के लिए शासकीय उचित मूल्य दुकान से दी गई राशन सामग्री को क्रय करेगा उनके विरुद्ध भी छत्तीसगढ़ सार्वजनिक वितरण प्रणाली नियंत्रण आदेश 2016 और आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 की धारा तीन के तहत कार्रवाई की जाएगी। जिसमें 7 साल तक की अधिकतम सजा का प्रावधान है। इस संबंध में कलेक्टर रायपुर ने खाद्य विभाग के सभी निरीक्षकों को अपने प्रभार क्षेत्र में सतत निगरानी के निर्देश दिए हैं।