रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की अध्यक्षता में हुई मंत्रिमंडल की बैठक में पेट्रोल-डीजल का दाम कम करने का निर्णय लिया गया है। जिसके मुताबिक अब पेट्रोल के दाम में 1 प्रतिशत की कटौती और डीजल में 2 फीसदी की कटौती को स्वीकार कर लिया गया है। इससे राज्य सरकार को अतिरिक्त भार पड़ेगा। सरकार के प्रवक्ता और मंत्री मोहम्मद अकबर ने बताया कि पेट्रोल में 1 प्रतिशत वैट घटाने से 56 करोड़ और डीजल में 2 प्रतिशत वैट कम करने से 182 करोड़ का भार आएगा। वहीं सरकार द्वारा जारी प्रेस नोट में बताया गया कि 1000 करोड़ का अतिरिक्त भार सरकारी खजाने पर पड़ेगा।
जानकारी के मुताबिक वाणिज्यिक कर विभाग ने पेट्रोल-डीजल पर VAT कटौती का प्रस्ताव दिया है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के निर्देश पर यह प्रस्ताव सभी पड़ोसी राज्यों में VAT की दर और पेट्रोल-डीजल की कीमतों के अध्ययन के आधार पर तैयार किया गया है। प्रदेश की राजधानी रायपुर में इस समय पेट्रोल की कीमत 101.88 रुपये प्रति लीटर है। वहीं डीजल 93.86 रुपये प्रति लीटर की दर से बेचा जा रहा है। पड़ोसी राज्यों में उत्तर प्रदेश और झारखंड को छोड़कर सभी राज्यों में पेट्रोल की कीमतें यहां से ज्यादा है। जबकि डीजल के मामले में केवल महाराष्ट्र और आंध्र-तेलंगाना में कीमतें छत्तीसगढ़ से ज्यादा है।
विभाग ने भेजा था 5 से 7 रुपये कटौती का प्रस्ताव
ऐसे में विभाग ने 5 से 7 रुपये तक कटौती का प्रस्ताव दिया था। तर्क है कि इससे कीमतें पड़ोसी राज्यों की न्यूनतम कीमतों के आसपास हो जाएंगी। इसकी वजह से अंतरराज्यीय परिवहन में लगे वाहन छत्तीसगढ़ में ज्यादा पेट्रोल भराएंगे। वहीं सीमावर्ती जिलों के लोग सस्ते तेल की तलाश में पड़ोसी राज्यों में नहीं जाएंगे। इस तरह तेल की खपत बढ़ने से टैक्स कम करने का साइड इफेक्ट कमजोर होगा।
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