गौरेला-पेंड्रा-मरवाही। प्रदेश में मुख्यमंत्री सुपोषण अभियान के तहत गरम पौष्टिक भोजन और पूरक पोषण आहार से बच्चों में कुपोषण दूर करने का प्रयास किया जा रहा है। इसमें स्थानीय स्तर पर उपलब्ध अनाज, फल, साग-सब्जियों और उससे निर्मित पदार्थों को प्राथमिकता से शामिल किया जा रहा है।
इसी कड़ी में जनजाति बहुल गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही जिले के विकासखंड गौरेला के ग्राम पंचायत सेमरा में मरवाही विधायक के.के. ध्रव ने बुधवार को मुख्यमंत्री सुपोषण अभियान के दूसरे चरण के अंतर्गत कुपोषित बच्चों को ’आयुर्वेदिक सुपोषण मोदक’ वितरण की शुरूआत की। इस अवसर पर कलेक्टर नम्रता गांधी सहित कई जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।
75 ग्राम का सुपोषण किट
अश्वगंधा, सोठ, काली मिर्च, त्रिकूट, अलसी, मुर्रा, मूगफल्ली, गुड, फूटा चना और तिल को मिलकार 75 ग्राम का प्रति नग आयुर्वेदिक सुपोषण मोदक’ तैयार किया गया है। सुपोषित गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही मिशन के तहत कुपोषित बच्चों को 3 नग मोदक का वितरण हफ्ते किया जाएगा। इससे 1396 गंभीर और 5238 मध्यम कुपोषित बच्चों को फायदा होगा।
पर्यवेक्षण सुनिश्चित करने का निर्देश
मरवाही विधायक ने स्वास्थ्य और महिला एवं बाल विकास विभाग को समन्वय से कार्य करते हुए एनआरसी के समुचित उपयोग और सतत् पर्यवेक्षण सुनिश्चित करने को कहा। कलेक्टर ने उपस्थित जनसमुदाय को सुपोषण का महत्व बताते हुए अभियान को सफल बनाने का आवाहन किया। जिला महिला एवं बाल विकास अधिकारी ने बताया कि प्रचलित पोषण व्यवहारों में सकरात्मक परिवर्तन लाने के लिए पूरक पोषण आहार की संकल्पना की गई है।
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