रायपुर। बायोफ्यूल के क्षेत्र में किए जा रहे उल्लेखनीय कार्य के लिए छत्तीसगढ़ को इंडियन फेडरेशन ऑफ ग्रीन एनर्जी द्वारा ‘इंडिया ग्रीन एनर्जी अवार्ड‘ से नवाजा गया है। यह अवार्ड बायोफ्यूल के आउटस्टैंडिंग रिन्यूएबल एनर्जी जनरेशन प्रोजेक्ट कैटेगरी में छत्तीसगढ़ को प्रदान किया गया है। नई दिल्ली में बुधवार को आयोजित कार्यक्रम में केन्द्रीय सड़क एवं परिवहन मंत्री नितिन गडकरी और केन्द्रीय नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा राज्य मंत्री भगवंत खूबा ने छत्तीसगढ़ बायोफ्यूल डेवलपमेंट अथॉरिटी (सीबीडीए) रायपुर के मुख्य कार्यपालन अधिकारी सुमीत सरकार को इंडिया ग्रीन एनर्जी अवार्ड प्रशस्ति पत्र और स्मृति चिन्ह प्रदान किया। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने छत्तीसगढ़ बायोफ्यूल डेवलपमेंट अथॉरिटी को इसके लिए बधाई और शुभकामनाएं दी है।

छत्तीसगढ़ सरकार ऊर्जा के परंपरागत स्रोतों पर निर्भरता कम करने के लिए अपरंपरागत ऊर्जा के नए विकल्पों को प्रोत्साहित कर रही है। इस दिशा में छत्तीसगढ़ बायोफ्यूल डेवलपमेंट अथॉरिटी द्वारा राज्य में बायोफ्यूल के क्षेत्र में अधिशेष अनाज से एथेनॉल उत्पादन संयंत्र की स्थापना, बायो-जेट एवीएशन फ्यूल के निर्माण में सहयोग और जैव ईंधन के क्षेत्र में अनुसंधान कार्य जैसे उल्लेखनीय काम किए जा रहे हैं।

अन्नदाता को ऊर्जा दाता बनाना जरूरी

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि गडकरी ने कृषि उत्पाद से बायोफ्यूल उत्पादन के क्षेत्र में किए जा रहे कार्यों की सराहना की और भविष्य में बायोफ्यूल का महत्व बताते हुए कहा कि वर्तमान परिस्थितियों को देखते हुए अन्नदाता को ऊर्जा दाता बनना जरूरी है।

कैटेगरी के हिसाब से चयन

इंडियन फेडरेशन ऑफ ग्रीन एनर्जी, 2020, भारत सरकार के नवीन एवं नवीकणीय ऊर्जा मंत्रालय, सरदार शरण सिंह नेशनल इन्स्टीयूट ऑफ बायो-एनर्जी एवं एसोसियेशन ऑफ स्टेट रोड ट्रान्सपोर्ट अन्डरटेकिंग के सपोर्टिग पार्टनरशिप में एवं केयर रेटिंग के नॉलेज पार्टनरशिप से अपारंपरिक ऊर्जा के विभिन्न क्षेत्र जैसे कि सौर ऊर्जा, बायोमास, बायोफ्यूल आदि में अवार्ड के लिए नॉमिनेशन आमंत्रित किया गया था। समग्र भारत से प्राप्त नॉमिनेशन में से भारत सरकार के वैज्ञानिक संगठन सीएसआईआर के साइंटिस्ट एवं शिक्षण प्रतिष्ठान आईआईटी के प्रतिनिधि वाले विशिष्ट जूरी ने प्रत्येक कैटेगरी में अवार्ड हेतु चयन किया है।