गोठन के जरिए ग्रामीण औद्योगिक पार्क के रूप में विकसित करें

रायपुर। कलेक्टर कांफ्रेंस में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने सांप्रदायिकता और धर्म जाति आधारित ध्रूवीकरण को लेकर कहा, ऐसे मामलों में कार्रवाई और सतर्क रहें। ऐसे लोगों की पहचान करें जो सांप्रदायिक रुप से ध्रुवीकरण करते हैं। वे कौन तत्व हैं जो जाति धर्म के आधार पर लामबंदी करते हैं। जब कोई मुद्दा ना मिले तो इन मुद्दों पर आते हैं, उनकी पहचान और उन पर कड़ाई से नियंत्रण बेहद जरुरी है। सेसे लोगों को पहचान कर और नियंत्रित करें।

सर्किट हाउस में गुरूवार को आयोजित कलेक्टर कांफ्रेंस में संभागायुक्ज, कलेक्टर और जिला पंचायत के सीईओ ने भाग लिया। इस दौरान सरकार की फ्लैगशिप योजनाओं की मुख्यमंत्री ने समीक्षा कर कलेक्टरों को आवश्यक निर्देश दिए। उन्होंने कलेक्टरों से कहा, धान के साथ-साथ अन्य फसलें लेने के लिए किसानों को प्रोत्साहित करने की कार्ययोजना बनाकर काम करें। यह जरुरी है कि किसान केवल धान पर ही केंद्रित ना रहे। उन्होंने कहा कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था के विकेंद्रीकरण के प्रयास पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि सरकार ग्रामीण क्षेत्रों में विश्व स्तरीय आधारभूत अधोसंरचना, बेहत्तर स्कूल और आजीविका के नए संसाधन सृजित करने के लिए सरकार संकल्पित है। कलेक्टर इसलिए ग्रामीण औद्योगिक पार्क बनाने के लिए कमर कस लें।

ग्रामीण अर्थव्यवस्था का महत्वपूर्ण केंद्र गौठान

प्रदेश मेें गोठान ग्रामीण अर्थव्यवस्था का महत्वपूर्ण केंद्र बन रहा है। पहले चरण में 6 हजार गोठान बने हैं। दूसरे चरण में इनके संचालन संधारण के लिए प्रभावी कार्ययोजना बनाकर स्वावलंबी नाने के प्रयास किए जा रहे हैं। तीसरे चरण में गोठान को केंद्र में रखकर ग्रामीण औद्योगिक पार्क के रूप में विकसित करने का लक्ष्य है। ग्रामीणों में उद्यमिता की भावना विकसित करने का कार्य किया जाना है।

रोका छेका बना जन आंदोलन

उन्होंने कहा कि रोका छेका अभियान को प्रभावी जनांदोलन के रूप में उभरा है। रोका छेका का यह अभियान उतेरा फसलों का चक्र पूरा होने तक चलता रहे यह प्रयास किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि राजीवगांधी न्याय योजना के तहत किसानों को अन्य फसलों के लिए प्रोत्साहित किया जाना चाहिए। कृषि विभाग के समन्वय से कलेक्टर एक-एक विकासखंड़ में पायलेट प्रोजेक्अ के रूप में प्रभावी कदम उठाएं।

मिशन मोड में करें काम

राजीव गांधी कृषि ही मजदूर न्याय योजना को लेकर कलेक्टरों से कहा गया है कि पंचायत स्तर पर मिशन मोड के तहत काम करें ताकि अधिक लोग इससे लाभ ले सकें। कार्यक्रम का प्रचार प्रसार करें।