रायपुर। छत्तीसगढ़ में निवेशकों का पैसा खाने वाली चिटफंड कंपनियों पर भूपेश सरकार लगातार कार्रवाई कर रही है। इससे प्रदेश में अब तक 16 हजार से ज्यादा निवेशकों को उनके डूबे हुए पैसे लौटा दिए गए हैं। इसके लिए चिटफंड कंपनियों और उनके निदेशकों की संपत्तियों को नीलाम किया जा रहा है। उससे आने वाली रकम निवेशकों के खाते में ऑनलाइन ट्रांसफर कराई जा रही है। ऐसा करने वाला छत्तीसगढ़ पहला राज्य बन गया है। साथ ही आरोपी निवेशकों के खिलाफ कार्रवाई भी हो रही है।

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने बताया कि चिटफंड कंपनी याल्स्को रियल स्टेट एंड एग्रो फार्मिंग लिमिटेड के 16 से ज्यादा निवेशकों को रकम लौटाई गई है। चिटफंड कंपनियों की धोखाधड़ी के खिलाफ लगातार कार्रवाई की जा रही है। इसके पीछे सरकार की मंशा है कि शासन निवेशकों को हर संभव तरीके से न्याय दिलाने में मदद कर सके। उन्होंने बताया कि अभी 2.46 करोड़ रुपये ट्रांसफर किए गए हैं। इससे पहले 7.32 करोड़ रुपये से ज्यादा ट्रांसफर किए गए थे।

सीएम ने हितग्राहियों से की बात

मुख्यमंत्री ने कहा कि राजनांदगांव के अलावा अन्य जिलों में भी चिटफंड कंपनी के निदेशकों के खिलाफ कार्रवाई लगातार जारी है। इस दौरान मुख्यमंत्री ने हिताग्राहियों से भी बात की। डोंगरगढ़ विकासखंड की ग्राम कोलिहापुरी निवासी शारदा बाई साहू ने बताया कि साल 2012 में उन्होंने निवेश किया था। शासन के प्रयासों से अब तक 2 लाख रुपये मिल चुके हैं। बेटी ने फोन पर बताया कि आज 50 हजार रुपये खाते में आए हैं। उन्होंने सीएम को इसकेक लिए धन्यवाद दिया।

हितग्राहियों को मिली राहत

खैरागढ़ के ग्राम प्रकाशपुर निवासी पुनूराम साहू ने बताया कि पैसा दोगुना करने के लिए उन्होंने चिटफंड कंपनी में निवेश किया था। वह अपना घर बनाना चाहते थे, लेकिन रुपये नहीं मिले। इसके चलते घर अभी तक अधूरा है। अब तक 20 हजार रुपये मिले हैं। उन्होंने कहा कि अब लग रहा है कि मेरा अधूरा घर पूरा हो सकेगा। वहीं राजनांदगांव के ग्राम उपरवाह निवासी बाहरू राम साहू ने बताया कि सरकार के प्रयास से उन्हें 1.20 लाख रुपये मिल चुके हैं।