Category: सम्पादकीय

मैं अजर -अमर हूं, क्योंकि जो जाता है वो वापस आता है, मैं यूं हीं नहीं कही जाती सोनपापड़ी

दीपावली जैसा बड़ा त्योहार आ चुका था। बाजार में जिधर देखों सोनपापड़ी के डिब्बे सजे धजे दिखने लगे। लेकिन कॉलोनी…

56 साल पहले बनी थी पहली छत्तीसगढ़ी फिल्म, राज्य बनने के 21वें साल में बनी फिल्म नीति

छत्तीसगढ़ी संस्कृति को आगे बढ़ाने में सहायक होगी फिल्म नीति छत्तीसगढ़ की नई फिल्म नीति बनने के बाद इसकी चर्चा…

ई-गवर्नेंस में छत्तीसगढ़ ने बढ़ाया कदम, शीर्ष छह राज्यों में शामिल

गांवों तक इंटरनेट पहुंचने से ई-सेवाएं ग्राम पंचायत स्तर तक मिलेगी ई-गवर्नेंस प्रणाली के माध्यम से नागरिकों को सेवाएं उपलब्ध…

छत्तीसगढ़ फिल्म नीति : फिल्मों के माध्यम से प्रदेश को राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय पहचान दिलाने का प्रयास

छत्तीसगढ़ में बनी छत्तीसगढ़ी फिल्मों पर 33 और दूसरी भाषाओं की फिल्म पर 25 प्रतिशत सब्सिडी नवा रायपुर में 150…

ग्रामीण अर्थव्यवस्था को संवार रहा छत्तीसगढ़ का यह मॉडल

छत्तीसगढ़ के चार चिन्हारी – नरवा, गरवा, घुरवा अऊ बाड़ी-ऐला बचाना है संगवारी कृषि आधारित ग्रामीण अर्थव्यवस्था के सुदृढ़ीकरण तथा…