रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने रविवार शाम अपने निवास कार्यालय में नन्हें प्रतिभावान चित्रकार हर्ष रजक से मुलाकात की। मुख्यमंत्री ने शासकीय उच्चतर माध्यमिक शाला, चांटीडीह, बिलासपुर में कक्षा दसवीं के छात्र और चित्रकला में माहिर हर्ष रजक द्वारा भाव-भंगिमा के साथ हूबहू चित्र उकेरने की प्रतिभा की तारीफ की और हर्ष को मुलाक़ात के लिए स्वयं अपने निवास बुलाया और हर्ष के हुनर की सराहना कर उसका हौसला बढ़ाया।

उन्होनें हर्ष से आगे की पढ़ाई के विषय में पूछा तो उसने बताया कि वह सॉफ्टवेयर इंजीनियर बनना चाहता है। कक्षा ग्यारहवीं में विज्ञान विषय लेकर पढ़ना चाहता है, इसके लिए विद्यालय में लैब की जरूरत है। मुख्यमंत्री ने शासकीय उच्चतर माध्यमिक शाला, चांटीडीह में प्रयोगशाला और लाइब्रेरी शुरू करने की घोषणा की। हर्ष ने मुख्यमंत्री बघेल को अपने हाथों से बनाया हुआ एक आदिवासी बाला का चित्र भेंट किया।

लॉकडाउन के समय किया खूब अभ्यास

हर्ष ने मुख्यमंत्री को बताया कि कक्षा छठवीं-सातवी से ही उसका चित्रकला के प्रति रुझान था, इसके लिए उनके पिता, शिक्षकों और प्राचार्य द्वारा प्रोत्साहन दिया गया, शुरू में वह नॉर्मल स्केचिंग करने के बाद वाटर कलर से पेंटिंग बनाने का अभ्यास किया। लॉकडाउन के समय उसने कलर पेंसिल से ड्राइंग तैयार करना शुरू किया। आज वह फ्री हैंड स्केचिंग के ज़रिए किसी का भी पूरी भाव-भंगिमा के साथ हुबहू चित्र बना लेता है।

बिलासपुर कलेक्टर का भी बना चुके हैं स्केच

हर्ष ने बताया कि इस वर्ष जिला स्तरीय राज्योत्सव कार्यक्रम में उसने कलेक्टर डॉ. सारांश मित्तर और मुख्यमंत्री बघेल का स्केच बनाया। जहां उसकी प्रतिभा को खूब सराहा गया। प्रोत्साहन के रूप में कलेक्टर ने 5 हजार रुपये की पेंटिंग खरीदी, जिला स्तरीय राज्योत्सव के मुख्य अतिथि और संसदीय सचिव इंदर शाह मंडावी ने भी चित्रकला से प्रभावित होकर उन्हें 1100 रुपये का पुरस्कार दिया।

शासकीय उच्चतर माध्यमिक शाला, चांटीडीह में प्रयोगशाला और लाइब्रेरी प्रारम्भ करने की मुख्यमंत्री हर्ष 16 वर्षीय कक्षा दसवीं के छात्र हैं और उनके पिता संतोष रजक होटल में काम करते हैं और माता ईश्वरी रजक सिलाई कढ़ाई का काम करती हैं।