मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने आज रायपुर में आयोजित दो दिवसीय वाणिज्य उत्सव का शुभारंभ किया। उन्होंने इस अवसर पर छत्तीसगढ़ राज्य के उद्योग पेवलियन की शुरुआत की। कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रदेश के उद्योग मंत्री कवासी लखमा ने की।

वाणिज्य उत्सव में छत्तीसगढ़ से स्टील, कृषि और वनोपज की प्रोसेसिंग से तैयार उत्पाद सहित विभिन्न क्षेत्रों की निर्यातोन्मुखी उद्यौगिक इकाईयों के उद्यमी और उनके प्रतिनिधि शामिल हुए। इस उत्सव में छत्तीसगढ़ और देश में पिछले 75 साल में विनिर्माण और निर्यात के क्षेत्र में हुई प्रगति और इसे सतत रूप से आगे बढ़ने के संबंध में प्रेजेंटेशन दिया गया। इस आयोजन में सफल उद्यमियों की केस स्टडी की जानकारी के साथ-साथ अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर उत्पादों की बिक्री और मार्केटिंग के लिए बायर सेलर मीट का भी आयोजन किया गया।

जल, जंगल, जमीन और धान से समृद्ध छत्तीसगढ़

कार्यक्रम में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि देश की आजादी के साथ देश के नवनिर्माण में नेहरू जी का योगदान अविस्मरणीय रहा है। छत्तीसगढ़ में भिलाई स्टील प्लांट की स्थापना में नेहरू जी का विशेष योगदान रहा। छत्तीसगढ़ मुख्य रूप से धान के कटोरे के रूप में जाना जाता है, यहां जल, जंगल, जमीन, भरपूर मात्रा में है। साथ ही अनाज, लघु वनोपज का उत्पादन भी बड़ी मात्रा में हो रहा है। पूरे देश के उत्पादन के 86 फीसदी लघु वनोपज छत्तीसगढ़ से होना इस बात का परिचायक है। उन्होंने कहा कि यहां भरपूर मात्रा में धान है, ऐसे में धान से एथेनॉल बनाने की जरूरत है।

भारत सरकार के तत्वधान में आयोजन

रायपुर के होटल बेबीलॉन केपिटल में आजादी की 75 वीं वर्षगांठ के अवसर पर छत्तीसगढ़ वाणिज्य एवं उद्योग विभाग और भारत सरकार के विदेश व्यापार महानिदेशालय के संयुक्त तत्वाधान में 21 एवं 22 सितंबर को दो दिवसीय वाणिज्य उत्सव का आयोजन किया जा रहा है। शुभारंभ कार्यक्रम के दौरान मुख्य सचिव अमिताभ जैन, भारत सरकार वाणिज्य मंत्रालय के ओएसडी विकास चौबे, प्रमुख सचिव उद्योग मनोज कुमार पिंगुआ, सचिव आशीष भट्ट, शेफिक्सल वाईस चेयरमैन डॉ लाल हिंगोरानी सहित अन्य अधिकारी मौजूद थे।