कवर्धा में दो समुदायों के बीच हुआ झंडा लगाने का विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। मंगलवार को भाजपा सांसद संतोष पांडेय और पूर्व सांसद अभिषेक सिंह के नेतृत्व में निकाली गई रैली के बाद एकत्रित भीड़ ने हिंसक रूप ले लिया। अलग-अलग टुकड़ों में बंटकर उपद्रवियों ने शहर के अलग-अलग इलाकों में जमकर तोड़-फोड़ और आगजनी की घटना को अंजाम दिया। उपद्रवियों को रोकने के लिए पुलिस को लगभग दो घंटे तक रूक-रूककर लाठीचार्ज करना पड़ा। स्थिति बिगड़ता देख कवर्धा कलेक्टर रमेश कुमार शर्मा ने दोपहर बाद पूरे शहर में कर्फ्यू लगा दिया है। कवर्धा में पहले से ही धारा 144 लागू है।

इन सबके बीच देखने वाली बात ये है कि रैली में सांसद संतोष पांडेय और पूर्व सांसद अभिषेक दोनों ही मौजूद थे। दोनों की मौजूदगी में उपद्रवियों ने शहर में तोड़फोड़ और दंगे जैसी घटनाओं को अंजाम दिया।

शहर का माहौल अति संवेदनशील

शहर में अतिआवश्यक सेवाओं को छोड़कर किसी को भी अपने घर से बाहर निकलने की अनुमति नहीं है। कवर्धा शहरी क्षेत्र में पहले से धारा 144 लागू है। कलेक्टर ने आम नागरिकों से शांति, संयम बरतने की अपील की है। साथ ही चेताया भी है कि कर्फ्यू का उल्लंघन करने वालों पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

ये है पूरा मामला

शनिवार की रात शहर के लोहारा नाका के पास झंडे लगाने की बात पर कुछ युवाओं का आपस में विवाद हुआ। दूसरे दिन रविवार को दोनों पक्षों के दो लोगों के साथ मारपीट हुई। फिर दोपहर करीब दो बजे विवाद और बढ़ गया। यह मारपीट दो समुदाय के बीच का विवाद बन गया। दोपहर 3 बजे बड़ी संख्या में लोग कार्रवाई को लेकर थाना पहुंचे। बाहर से ही नारेबाजी होने लगी। इस बीच माहौल को और बिगाड़ने के लिए कुछ लोगों ने पथराव कर दिया, जिससे एक युवक के चोट लगी। इसके बाद आक्रोश और बढ़ गया।