गर्भ में दिमाग विकास UCLA रिसर्च प्रेगनेंसी

गर्भ में दिमाग विकास कैसे होता है, यह सवाल दशकों से वैज्ञानिकों को उलझाए हुए है. अब UCLA के शोधकर्ताओं ने इस दिशा में एक बड़ी सफलता हासिल की है. उन्होंने लैब में तैयार किए गए ब्रेन ऑर्गेनॉइड्स, दान की गई मानव टिशू और खास तरह से जोड़े गए “असेंबलॉइड्स” की मदद से यह समझने की कोशिश की कि दिमाग की मुख्य स्टेम सेल्स किस आधार पर तय करती हैं कि उन्हें किस तरह की ब्रेन सेल बनानी है. यह रिसर्च होने वाली माओं और डॉक्टरों दोनों के लिए उपयोगी जानकारी दे सकती है.

गर्भ में दिमाग विकास को कंट्रोल करने वाले दो अहम फैक्टर

शोधकर्ताओं ने दो अलग-अलग स्टडी में दो बड़े फैक्टर खोजे हैं. पहला, मेटाबॉलिक और फिजिकल सिग्नल जो यह तय करते हैं कि रेडियल ग्लिया नाम की स्टेम सेल्स किस तरह की सेल बनाएंगी. दूसरा, थैलेमस नाम के दिमाग के गहरे हिस्से से आने वाले सिग्नल, जो पूरे नर्वस सिस्टम में जानकारी पहुंचाने का काम करते हैं. यह दूसरी स्टडी प्रतिष्ठित जर्नल साइंस में प्रकाशित हुई है.

इस रिसर्च की मुख्य बातें

  • रेडियल ग्लिया वे स्टेम सेल्स हैं जो इंसानी दिमाग की बाहरी परत, यानी सेरेब्रल कॉर्टेक्स, बनाने का काम करती हैं
  • मेटाबॉलिक सिग्नल यह तय करने में मदद करते हैं कि कौन सी सेल किस तरह की ब्रेन सेल में बदलेगी
  • थैलेमस से आने वाले सिग्नल दिमाग के अलग-अलग हिस्सों के बीच तालमेल बनाने में अहम भूमिका निभाते हैं
  • यह खोज लैब में तैयार असेंबलॉइड्स के जरिए संभव हो पाई, जो असली भ्रूण के दिमाग जैसी संरचना बनाते हैं

यह जानकारी होने वाली माओं के लिए क्यों मायने रखती है

शोधकर्ताओं का मानना है कि इन खोजों से यह समझने में मदद मिल सकती है कि मां का पोषण, मेटाबॉलिक बीमारियां और अन्य पर्यावरणीय कारक बच्चे के दिमागी विकास को किस तरह प्रभावित कर सकते हैं. आने वाले समय में इस रिसर्च के आधार पर प्रेगनेंसी के दौरान बेहतर देखभाल के तरीके विकसित किए जा सकते हैं.

आगे की रिसर्च में क्या उम्मीद की जा सकती है

वैज्ञानिक अब यह समझने की कोशिश कर रहे हैं कि अगर इन सिग्नल्स में कोई गड़बड़ी होती है, तो इसका असर बच्चे के दिमागी विकास पर किस तरह पड़ सकता है. इससे भविष्य में ऑटिज्म, डेवलपमेंटल डिले जैसी स्थितियों को समझने में भी मदद मिल सकती है. फिलहाल यह रिसर्च शुरुआती चरण में है और इसे इंसानी गर्भावस्था पर सीधे लागू करने से पहले और अध्ययन की जरूरत होगी.

अस्वीकरण: यह जानकारी सामान्य वैज्ञानिक रिसर्च पर आधारित है, यह मेडिकल सलाह नहीं है. प्रेगनेंसी से जुड़ी किसी भी चिंता के लिए हमेशा योग्य डॉक्टर से सलाह लें.