रायपुर। खैरागढ़ में निकाय चुनाव के दौरान हुई तोड़फोड़ मामले में पूर्व मुख्यमंत्री रमन सिंह के भांजे विक्रम सिंह और जिला पंचायत उपाध्यक्ष विक्रांत सिंह समेत 10 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। इन सभी पर मतदान केंद्र में घुसकर तोड़फोड़ करने का आरोप है। शुक्रवार को रिटर्निंग ऑफिसर की लिखित शिकायत के बाद इस मामले में 2 अलग-अलग एफआईआर खैरागढ़ थाने में दर्ज की गई है। इसमें से एक एफआईआर पुलिस की तरफ से भी की गई है। रमन सिंह के भांजे पर एफआईआर के बाद राजनीतिक चर्चाएं तेज हो गई हैं।

खैरागढ़ नगर पालिका चुनाव में हुई काउंटिंग में 20 सीटों में से 10 सीटों पर भाजपा को जीत मिली, जबकि कांग्रेस के पाले में 9 सीटें आई। वहीं, वार्ड नंबर 4 की सीट में टाई हो गया। कांग्रेस और बीजेपी, दोनों ही प्रत्याशियों को 387 वोट मिले। कांग्रेस की मांग पर जब दोबारा गिनती हुई तो भाजपा उम्मीदवार कैलाश नागरे का एक वोट निरस्त हो गया। इसके बाद कांग्रेस प्रत्याशी सुमित टांडिया जीत गए। यहीं से हंगामा शुरू हो गया।

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नारेबाजी करते हुए मतगणना केंद्र में घुसे

कांग्रेस उम्मीदवार के जीत की घोषणा होते ही बीजेपी नेताओं समेत कार्यकर्ताओं ने हंगामा शुरू कर दिया। कार्यकर्ताओं पर आरोप है कि जिला पंचायत उपाध्यक्ष विक्रांत सिंह के साथ कुछ और बीजेपी कार्यकर्ता नारेबाजी करते हुए मतगणना केंद्र के अंदर घुस गए। जहां इन लोगों ने तोड़फोड़ शुरू कर दी।

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कार्यकर्ताओं ने तोड़ी कुर्सियां

बीजेपी कार्यकर्ताओं ने मतदान केंद्र में रखी कुर्सियों को तोड़ दिया। इसके बाद बाहर ही बैठ कर शासन-प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी और धरने पर बैठ गए। जानकारी के मुताबिक रिटर्निंग अफसर की ओर से अज्ञात और पुलिस की ओर से नामजद अपराध दर्ज किया गया है।