रायपुर। जल संसाधन विभाग ने मौजूदा वित्तीय वर्ष के बजट में शामिल 69 योजनाओं को हरी झंडी दे दी है। योजनाओं को अब तक प्रशासकीय स्वीकृति का इंतजार था। प्रशासकीय स्वीकृति के लिए हुई बैठक में करीब 154 करोड़ की सिंचाई परियोजनाएं शामिल है। जिसे प्राथमिकता सूचि में शामिल किया गया था। यह सभी परियोजनाएं 3 करोड़ से कम लागत वाली है। हालांकि इससे ज्यादा लागत वाली परियोजनाएं अभी भी शासन स्तर पर लंबित है।
प्रदेश के सभी 5 मुख्य अभियंता कार्यालयों के दायरे में तीन करोड़ से कम लागत वाली वर्ष 2020-21 की 69 परियोजनाएं शामिल है। विभाग का दावा है कि इन परियोजनाएं के पूरा होने से करीब 7 हजार हेक्टेयर में अतिरिक्त सिंचाई होगी। स्वीकृत परियोजनाओं में मुख्यमंत्री और विधानसभा अध्यक्ष के अलावा जल संसाधन मंत्री समेत अन्य मंत्रियो और विधायकों के क्षेत्र की सिंचाई योजनाएं शामिल है।

अब खत्म हुआ इंतजार

इन परियोजनाओं को मंजूरी मिलने का लंबे समय से इंतजार किया जा रहा था। प्रदेश के अलग-अलग क्षेत्र में सिंचाई क्षमता बढ़ाने के लिए लगातार इसकी मांग भी हो रही थी। मंजूरी के बाद अब निर्माण में तेजी आने की संभावना है। गौरतलब है कि कोरोना काल की वजह से वर्ष 2019-20 के बजट में शामिल 43 परियोजनाएं वापस हो गई थी। दो साल का समय बीतने के बावजूद प्रशासकीय मंजूरी नहीं मिलने की वजह से वित्त विभाग ने इन योजनाओं को निरस्त कर दिया था।

3 करोड़ से ऊपर वाली योजनाए लंबित

3 करोड़ से ज्यादा लागत वाली कई परियोजनाएं अभी भी लंबित है। जबकि विभाग की और से अनुदान हो चूका है, इन परियोजनाओं की प्रशासकीय स्वीकृति का इंतज़ार किया जा रहा है। इनमें कई परियोजनाओं को सिंचाई के लिए महत्वपूर्ण माना गया है।