रायपुर। हमारा देश और प्रदेश कृषि प्रधान है। ऐसे में देश की अर्थव्यवस्था का बड़ा हिस्सा कृषि पर निर्भर है। व्यापार और उद्योग की अर्थव्यवस्था भी कहीं-न-कहीं किसानों से जुड़ी होती है। उद्योग का पहिया तब घूमेगा जब व्यापारी उनसे सामान खरीदेंगे और व्यापारी का सामान तब बिकेगा जब जनता की जेब में पैसा होगा। अर्थव्यवस्था बचाने के लिए जनता की जेब में पैसा डालना होगा। यह सब बातें मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने एक मीडिया समूह के आयोजन “किसानों की बात, उद्यमियों के साथ” के मंच से कहीं। किसानों और उद्योगपतियों की ओर से कार्यक्रम में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल का सम्मान किया गया।
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने सबसे पहले किसान आंदोलन में शहीद हुए 703 किसानों की आत्मा की शांति के लिए मौन धारण कराया और उन्हें श्रद्धांजलि दी। संबोधन में उन्होंने कहा कि देश में अनाज की कमी को तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गाँधी जी ने चुनौती के तौर पर लिया और देश के किसानों से आह्वान किया कि हमें अनाज उत्पादन के मामले में आत्मनिर्भर बनना होगा।
कोदो, कुटकी को समर्थन मूल्य में खरीदने छत्तीसगढ़ देश का पहला राज्य
छत्तीसगढ़ कोदो, कुटकी को समर्थन मूल्य में खरीदने वाला देश का पहला राज्य है। वहीं हमने छत्तीसगढ़ में धान, कोदो, कुटकी, गन्ना, मक्का के साथ ही वनोपजों की खरीदी भी शुरू की, जिसमें 7 से बढ़ाकर 52 प्रकार के लघु वनोपजों को शामिल किया। इसके अलावा हमने वनोपजों का वैल्यू एडिशन भी किया। आज महुआ लड्डू, एनर्जी बार, बस्तर काजू पूरे देश में लोकप्रिय हो रहा है।
अब तक 150 एमओयू हो चुके हैं
मुख्यमंत्री बघेल ने कहा कि कृषि उत्पादन का बढ़ना किसी देश और प्रदेश के लिए ताकत होनी चाहिए, समस्या नहीं। हम प्रदेश के अतिरिक्त धान से एथेनॉल ईंधन बनाना चाहते हैं, लेकिन केन्द्र से इसकी अनुमति ही नहीं मिल रही है। गन्ना और मक्का से एथेनॉल बनाने के लिए 12 औद्योगिक घरानों से एमओयू भी हो चुका है और उन्हें जमीन भी दे दी गई है। राज्य में कृषि के साथ उद्योग को भी बढ़ावा देने पर हमने उद्योगपतियों से चर्चा के बाद 2019-24 की औद्योगिक नीति बनाई। अब तक 150 एमओयू हो चुके हैं।
गोबर से वर्मी कम्पोस्ट अधिक-से-अधिक बनाने की अपील
मुख्यमंत्री बघेल ने कहा कि हम किसानों का हित करना चाहते हैं लेकिन किसानों के नाम से किसी को बेजा फायदा उठाने नहीं दिया जाएगा। साथ ही डीएपी की कमी पर मुख्यमंत्री ने किसानों, पशुपालकों और ग्रामीणों से गोबर से वर्मी कम्पोस्ट अधिक-से-अधिक बनाने की अपील की।
किसानों की समस्याओं साथ बैठेंगे तभी निकलेगा समाधान
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमें किसानों की समस्याओं के समाधान के लिए सभी प्रकार की चर्चा में शामिल होना साथ ही लोगों को सुनना चाहिए। असहमति के बावजूद भी उनका सम्मान करना चाहिए। जब सब साथ बैठेंगे तभी किसी समस्या का समाधान निकलेगा। उन्होंने उम्मीद जताई कि न्यूनतम समर्थन मूल्य पर आज यहां शुरू हुई चर्चा सही दिशा में आगे बढ़ेगी और निष्कर्ष तक पहुंचेगी।
jai sir is a dedicated news blogger at The Hind Press, known for his sharp insights and fact-based reporting. With a passion for current affairs and investigative journalism, he covers national, international, sports, science, headlines, political developments, environment, and social issues with clarity and integrity.
