रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने आज कलेक्टर कॉन्फ्रेंस में प्रदेश के सभी जिलों के कलेक्टरों से राजस्व, सुरक्षा और कानून व्यवस्था को लेकर कहा कि यही तीन मूल मंत्र हैं, जिससे प्रदेश की जनता का हित सध सकता है। सीएम बघेल आज प्रदेश के सभी आईएएस अधिकारियों से एक साथ सीधे मुखातिब हुए, जिसमें प्रदेश के विभागीय सचिव, संभागों के आयुक्त और जिलों के कलेक्टर भी मौजूद थे।

मुख्यमंत्री बघेल ने कहा कि प्रदेश में व्यवस्थाओं को सुचारू तरीके से संचालित करने के लिए शासन और प्रशासन को बराबर सहयोग करना होता है। प्रदेश के संचालन के लिए शासन और प्रशासन दो पहिए हैं। उन्होंने कहा कि आज की ये कॉन्फ्रेंस सत्ता का रुतबा दिखाने के लिए नहीं, बल्कि पारिवारिक संवाद के लिए है। शासन और प्रशासन में बैठे अधिकारी एक परिवार हैं, जिन्हें मिलकर अपने प्रदेश को बेहतरीन कल की ओर ले जाने में सार्थक भूमिका का निर्वहन करना है।

पूरे देश में छत्तीसगढ़ मॉडल की चर्चा

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि राजस्व प्रशासन के कार्य सीधे तौर पर किसानों, आम नागरिकों से जुड़े हुए हैं। जिला प्रशासन इसे सर्वोच्च प्राथमिकता दे। उन्होंने कहा कि कोविड महामारी में प्रशासन ने बहुत बेहतर ढंग से कार्य किया है। आज छतीसगढ़ की अभिनव परियोजनाओं के कारण छत्तीसगढ़ मॉडल की चर्चा पूरे देश में हो रही है।

कानून व्यवस्था बड़ी जिम्मेदारी

कॉन्फ्रेंस में सीएम भूपेश ने कहा कि कानून व्यवस्था की जिम्मेदारी जिला दंडाधिकारी की है। जिला दंडाधिकारी को टीम लीडर के रूप में कार्य करना है। उन्होंने कहा कि कानून व्यवस्था की निरंतर निगरानी सुनिश्चित करते हुए सोशल मीडिया के माध्यम से फैल रही अफवाह और दुष्प्रचार का कठोरता से खंडन जरूरी है। जिला दंडाधिकारी साप्ताहिक समीक्षा बैठक के पूर्व पुलिस अधीक्षक, कार्यपालिक दंडाधिकारियों के साथ कानून-व्यवस्था की समीक्षा करें।

शांति का टापू है छत्तीसगढ़

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि प्रशासन की सजगता से ही कानून व्यवस्था की स्थिति बेहतर हो सकती है। संचार क्रांति के दौर में एक स्थान की घटना का असर पूरे प्रदेश और देश में होता है, इसलिए जिम्मेदारी बहुत ज्यादा है। छत्तीसगढ़ शांति का टापू है, कानून व्यवस्था को बनाए रखना हमारी प्राथमिकता है। सोशल मीडिया पर उचित पर्यवेक्षण जरूरी है। सूचना ही शक्ति है, जिला प्रशासन का सूचना तंत्र सुदृढ़ किया जाना जरूरी है। गलत तथ्यों का खंडन करें, अफवाह न फैलने दें।

मंत्री और अधिकारी रहे मौजूद

बैठक में कृषि मंत्री रविंद्र चौबे, मुख्य सचिव अमिताभ जैन, पुलिस महानिदेशक डी. एम. अवस्थी, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की अपर मुख्य सचिव रेणु जी.पिल्ले, मुख्यमंत्री के अपर मुख्य सचिव सुब्रत साहू सहित प्रमुख सचिव, विभिन्न विभागों के सचिव, कमिश्नर, जिलों के कलेक्टर तथा वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।