कोरबा। लोकसभा का शीतकालीन सत्र चल रहा है। आज सत्र के दौरान कोरबा सांसद ज्योत्सना महंत ने लोकसभा में SECL खदान के भू-विस्थापितों का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि खदानों के अनेक भू-विस्थापितों को नौकरी, मुआवजा, पुनर्वास का पिछले 20 सालों से निराकरण नहीं हुआ है।
उन्होंने खदान क्षेत्र और आसपास के सड़कों की हालत काफी खराब है। खदान क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाओं का भी अभाव है। जिसका उदाहरण बांकीमोंगरा में दिखाई देता है। यहां बड़ा अस्पताल होने के बाद भी डॉक्टर और नर्स की कमी है। सिटी स्कैन मशीन भी नहीं है।
एडमिशन कोटा बढ़ाने की मांग
सांसद ने बच्चों की शिक्षा के लिए सदन में मांग रखी है। उन्होंने कहा कि सांसदों को केंद्रीय विद्यालय में 10 बच्चों को एडमिशन दिलाने का कोटा है। लेकिन हमारा संसदीय क्षेत्र 8 विधानसभा से भी ज्यादा विधानसभा वाला होता है। अभी इस वक्त केंद्रीय मंत्री के माध्यम से हम लोग बच्चों का एडमिशन करा देते थे, जो इस साल नहीं हुआ है। इसे लेकर उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र भी लिखा था। जिसका जवाब मिला है।
सासंदों ने थपथपाई मेज
सांसद ज्योत्सना महंत ने सरकार से आग्रह किया है कि या तो केंद्रीय मंत्रियों का कोटा पहले की तरह किया जाए, या फिर सांसदों को दिया गया 10 बच्चों के एडमिशन का कोटा बढ़ाकर 50 किया जाए। ताकि बच्चों का भविष्य उनकी शिक्षा के लिए सुरक्षित किया जा सके। सांसद के इस प्रस्ताव का उपस्थित सभी सांसदों ने मेज थपथपाकर स्वागत किया।
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