रायपुर। राष्ट्रीय आदिवासी नृत्य महोत्सव और राज्योत्सव 2021 के तीसरे दिन यानी आज राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय कलाकारों की विभिन्न विधाओं के आकर्षक नृत्य की प्रस्तुति होगी। आज माली, उजबेकिस्तान, स्वाजीलैंड, श्रीलंका और युगांडा सहित भारत के विभिन्न राज्यों के कलाकार विभिन्न नृत्यों की प्रस्तुति देंगे। बता दें कि आज आदिवासी नृत्य महोत्सव का अंतिम दिन भी है। कल से राज्योत्सव की शुरुआत होगी।
तय कार्यक्रम के मुताबिक सुबह 9 से दोपहर 1.30 बजे तक निकोबारी नृत्य (अंडमान-निकोबार), स्वांग नृत्य (राजस्थान), वासवा नृत्य (गुजरात), छाऊ नृत्य (झारखंड), संथाली नृत्य (पश्चिम बंगाल), खरिंग खरग फेचक नृत्य (मणिपुर), घाहानू नृत्य (लद्दाख), माकू हे निची नृत्य (नागालैंड), गारसिया नृत्य (राजस्थान), उरांव कर्मा नृत्य (छत्तीसगढ़) और हारूल-झैंता-हरिण नृत्य (उत्तराखंड) की प्रस्तुति होगी। इसके बाद दोपहर 2.30 से अंतरराष्ट्रीय कलाकारों के नृत्य की प्रस्तुति होगी।
शाम को विदेशी कलाकारों की प्रस्तुति
इसी तरह दोपहर 2.30 से शाम 7.30 बजे तक प्रदर्शनकारी प्रस्तुतियों के तहत माली, उजबेकिस्तान, स्वाजीलैंड और श्रीलंका के कलाकार अपनी प्रस्तुति देंगे। समारोह में रात 8 बजे से अतिथियों के सामने युगांडा और दो प्रथम स्थान प्राप्त विजेता अपने नृत्य की प्रस्तुति देंगे। बता दें मुख्यमंत्री भूपेश बघेल आज रात राष्ट्रीय आदिवासी नृत्य महोत्सव पुरस्कार वितरण समारोह में मुख्य अतिथि होंगे। कार्यक्रम की अध्यक्षता संस्कृति मंत्री अमरजीत भगत करेंगे।
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