रायपुर। राजधानी में शुक्रवार को कोरोना के 51 नए संक्रमितों की पहचान हुई है। बीते कुछ महीनों में संक्रमितों का आंकड़ा लगातार कम था। लेकिन अब पिछले एक हफ्ते से अचानक कोरोना के मामले बढ़ने लगे और शुक्रवार को संख्या 50 के पार पहुंच गई है।

शहर के रायपुरा और अशोका रतन में सबसे ज्यादा 6-6 सक्रिय मरीज हैं, जबकि रायपुर में अभी एक्टिव केस 149 हैं। इनमें केवल 10 लोगों का इलाज अलग-अलग अस्पतालों में चल रहा है। बाकी सभी होम आइसोलेशन में हैं और डॉक्टरों की सलाह पर दवाएं ले रहे हैं।

7 बच्चे पॉजिटिव

शुक्रवार को रायपुर में पॉजिटिव पाए गए सभी 51 मरीज शहरी क्षेत्र के रहने वाले हैं। इनमें 7 बच्चे हैं। एक सीनियर डॉक्टर भी शामिल है। वे अस्पताल में भर्ती एक मरीज से संक्रमित हुए हैं। उन्हें कोई लक्षण नहीं है। सबसे ज्यादा 10 ट्रैवल हिस्ट्री वाले मरीज हैं। वे शहर से बाहर गए थे लौटकर आए और पॉजिटिव निकले हैं।

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लापरवाही का नतीजा

प्रदेश में अब तक ओमिक्रॉन का एक भी मामला सामने नहीं आया है। लेकिन इसके बाद भी लगातार कोरोना के मामलों में वृद्धि होना चिंताजनक है। जानकारों के मुताबिक इसे लापरवाही का नतीजा मान सकते हैं। वास्तव में भीड़ में लोग न मॉस्क लगा रहे हैं, न सैनिटाइजर का उपयोग कर रहे हैं और न ही भौतिक दूरी का पालन कर रहे हैं। जो भी मामले सामने आ रहे हैं, उनमें कोरोना के लक्षण वाले मरीज कम है और प्रदेश में मौत भी ऐसे लोगों की हो रही है, जो दूसरी गंभीर बीमारियों से ग्रसित है।

कोरोना की तीन लहरें झेल चुका प्रदेश

  • मार्च 2020 में पहली लहर आई जिसके बाद कोरोना के मरीज मिलने शुरू हुए। सितंबर में पीक आया। पहली लहर की बड़ी वजह यही थी कि लोगों ने कोविड को हल्के में ले रखा था, सख्ती भी कम थी।
  • मार्च 2021 में दूसरी लहर की वजह से मरीज बढ़ने शुरू हुए, अप्रैल में पीक आया। दूसरी लहर की वजह सख्ती कम रहना और राजधानी समेत प्रदेश में कई बड़े आयोजन, जिसमें विदेशी भी आए।
  • ताजा स्थिति में जांच नहीं के बराबर है, आवाजाही पर कोई रोक-टोक नहीं है, लोग वापस सामान्य जीवन जीने लगे हैं। न कोई नियम, ना सतर्कता, इसलिए खतरा बढ़ रहा है।