बिलासपुर। कांग्रेस भवन के लिए आबंटित जमीन पर भूपेश कैबिनेट ने मुहर लगा दी है। जमीन मिलने के बाद अब नए कांग्रेस भवन का निर्माण जल्द शुरू होने का दावा किया जा रहा है। जमीन नहीं मिलने के कारण यहां भवन का निर्माण अटका हुआ था। कोरोना काल के पहले प्रदेश के सभी जिला मुख्यालय में नया कांग्रेस भवन बनाने का निर्णय लिया गया था। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने इसे राजीव भवन का नाम दिया था।

कोरोना काल के बीच कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी और राहुल गांधी ने वर्चुअली कांग्रेस भवन की आधार शिला रखी थी। लेकिन बिलासपुर में जमीन आबंटित नहीं होने की वजह से काम ही शुरू नहीं हो पाया था। अब कांग्रेस नेताओं के साथ ही जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष विजय केशरवानी के प्रयास से पुराना बस स्टैंड स्थित जमीन को नया कांग्रेस भवन बनाने के लिए तय किया गया। सभी औपचारिकताएं पूरी होने के बाद भी मामला अटका हुआ था। लेकिन अंतत: 22 नवंबर को हुई कैबिनेट की बैठक में मुख्यमंत्री सहित मंत्रिमंडल ने जमीन आबंटन के प्रस्ताव को हरी झंडी देते हुए मुहर लगा दी है। जमीन आबंटन के बाद अब जल्द ही भवन निर्माण कार्य शुरू होने की बात कही जा रही है।

विजय पांडेय ने उठाई थी मांग

बीते दिनों दुर्ग में प्रदेश कांग्रेस कमेटी की विस्तारित बैठक हुई थी, जिसमें अलग-अलग मुद्दों पर चर्चा हो रही थी। तभी मुख्यमंत्री के भाषण के दौरान शहर अध्यक्ष विजय पांडेय ने बिलासपुर में कांग्रेस भवन की जमीन को लेकर हो रही देरी का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस भवन की फाइल नगरीय प्रशासन मंत्री के पास है और देर होने के कारण बिलासपुर में भवन निर्माण का कार्य शुरू नही हो पा रहा है। जबकि छत्तीसगढ़ के दूसरे जिलों में भवन निर्माण पूरा होने वाला है। उनकी मांग को मुख्यमंत्री ने गंभीरता से लिया और इस बात को कैबिनेट की बैठक में रखने के निर्देश दिए।