आर्थिक रूप से कमजोर शोधार्थियों को फैलोशिप देने का प्रस्ताव
रायपुर। उच्च शिक्षा के समन्वय समिति ने फ़ैसला किया है कि यूजीसी की तरह सेट क्वालीफाई करने वालों को राज्य शासन स्कॉलरशिप देगी। उच्च शिक्षा संचालक शारदा वर्मा ने कहा, समन्वय समिति की बैठक में सेट क्वालिफाई करने वालों को स्कॉलरशिप देने के प्रस्ताव को मंज़ूरी मिल गई है। राज्य के शोधार्थियों को इसका लाभ मिलेगा।
राज्य में शोध कार्य को बढ़ावा देने के लिए यह फ़ैसला लिया गया है। यूजीसी से मान्यता प्राप्त सभी विषय के शोधार्थियों को लाभ मिलेगा। उन्होंने बताया कि तीन साल बाद समन्वय समिति की बैठक हुई जिसमें कई प्रस्तावों को मंज़ूरी मिली है, जिसमें राज्य में शोध को बढ़ावा देने के लिए अब सेट पास या सेट निकालने वाले शोधार्थियों को स्कॉलरशिप दिए जाने का महत्वपूर्ण प्रस्ताव है। जिस तरह नेट क्वालिफाई लोगों को शोध के लिए जिस तरह से यूजीसी स्कॉलरशिप देता है, ठीक उसी तरह राज्य में सेट क्वालीफाई लोगों को स्कॉलरशिप दिया जाएगा. इसका लाभ उन तमाम विषयों के शोधार्थी ले सकते हैं, जिसे यूजीसी से मान्यता प्राप्त है।
दो करोड़ का प्रावधान
संचालक ने कहा कि राज्य में शोध कार्य में शोधार्थियों की संख्या बहुत कम है, क्योंकि शोध कार्य पर बहुत ख़र्च होता है, इसलिए लोग चाहकर भी शोध कार्य के लिए आगे नहीं बढ़ते हैं। इसी के मद्देनजऱ फ़ैसला लिया गया है ताकि शोध के लिए ख़र्च बाधा न बने। उन्होंने कहा कि प्रस्ताव को मंज़ूरी मिल गई है। इसके बाद इसको लागू करने की कवायद जारी है बहुत ही जल्द मूर्तरूप ले लेगा। लगभग दो करोड़ का प्रावधान है। समन्यवय समिति में प्रतिभाशाली एवं आर्थिक रूप से कमजोर शोधार्थियों को विभाग द्वारा फैलोशिप दिये जाने के प्रस्ताव पर सैद्धांतिक रूप से सहमति व्यक्त की गई है। इस संबंध में वित्त विभाग को प्रस्ताव प्रेषित किया जाएगा।
शोध को बढ़ावा देने राज्यपाल ने कहा था
राज्यपाल अनुसुइया उईके ने सोमवार को उच्च शिक्षा विभाग की बैठक लेकर कहा था कि उच्च शैक्षणिक संस्थानों में उत्कृष्ट शोध किये जाने पर अधिक ध्यान देना होगा। संगीत विश्वविद्यालय खैरागढ़ हमारे प्राचीन ग्रंथों पर आधारित शोध करें तथा अपने पाठ्यक्रम को रोजगारमुखी बनाएं। उन्हें औद्योगिक संस्थानों से भी लिंकेज करने का प्रयास करें, ताकि फाईन आर्ट तथा अन्य विधाओं के कलाकारों को रोजगार मिल सके। उन्होंने समन्वय समिति की बैठक नियमित रूप से कराने के निर्देश भी दिए।
ई-गर्वनेंस लागू पर भी सहमति
उच्च शिक्षण संस्थाओं में ई-गर्वनेंस लागू करने के प्रस्ताव पर भी सहमति व्यक्त की गई है। बैठक में बीए., बीएड., बीएससी, बीएड एवं बीकॉम बीएड. का नया पाठयक्रम प्रारंभ किये जाने के प्रस्ताव पर सैद्धांतिक सहमति दी गई। यह चार वर्षीय एकीकृत पाठ्यक्रम है। बैठक में विश्वविद्यालयों में बजट, शिक्षा गुणवत्ता हेतु पाठ्य पुस्तकों के अध्ययन को प्रोत्साहन, राजकीय उच्च शिक्षण संस्थानों के ई-गवर्नेंस पर विचार, राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 लागू करने के संबंध में चर्चा के पश्चात सहमति व्यक्त की गई।
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